
Ahmedabad. गुजरात पुलिस के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की टीम ने ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0 के तहत देशभर में फैले साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। टीम ने साइबर ठगी के एक मामले में सूरत शहर में दबिश देकर अहम सफलता पाई है।
टीम ने सूरत से सात आरोपियों को पकड़ा है, जिनमें राकेश पोकळ, गौतम सवाणी, जयदीप उर्फ जयेश सवाणी, मयूर तेजाणी, अक्षय कथीरिया, मयूर सवाणी और हेनिल नारोला शामिल हैं। इन्होंने फर्जी कंपनियां बनाकर विभिन्न बैंकों में 18 खाते खुलवाए। इनके जरिए देश के 21 राज्यों में 146 साइबर फ्रॉड को अंजाम दिया। जांच में पता चला कि इन खातों में 116 करोड़ से अधिक की साइबर ठगी की राशि का लेनदेन हुआ है।
साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के पुलिस अधीक्षक डॉ.राजदीप सिंह झाला ने शनिवार को संवाददाताओं को बताया कि जांच में सामने आया कि राकेश, मयूर और हेनिल ने अलग-अलग नाम से फर्जी कंपनियां बनाकर बैंक खाते खुलवाए। इन बैंक खातों की जानकारी जयदीप, गौतम, अक्षय के अलावा अन्य आरोपी साबिक को दी। इन लोगों ने यह जानकारी साइबर ठग गिरोह से साझा की। ऐसे में एसएमएस, व्हाट्सऐप और टेलीग्राम के जरिए फर्जी पहचान बनाकर अधिक मुनाफे का लालच देकर ठगी गई रकम इन बैंक खातों में जमा करवाई गई। खातों में जमा रकम को निकालकर आरोपियों ने साइबर ठगों तक पहुंचाई और कमीशन लिया। आरोपियों के कब्जे से 13 मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
पुलिस ने समन्वय पोर्टल पर खातों की जांच की तो पता चला कि इनसे जुड़े मामलों में 116 करोड़ रुपए से अधिक की साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं। पूरे देश में इन खातों से संबंधित 146 शिकायतें दर्ज मिलीं, जिनमें गुजरात में 14 मामले सामने आए हैं। इन आरोपियों की पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। आरोपियों के पास से जब्त किए गए मोबाइल फोन से साइबर ठगी के मामलों से जुड़े तथ्य भी मिलने की उम्मीद है।