अनियमित खानपान, व्यायाम की कमी और बढ़ती उम्र के साथ युवाओं में भी हृदय रोग का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। उनका कहना है कि युवाओं में तेजी से बढ़ रहे इस तरह के रोगों से बचने के लिए कुछ सावधानी बरती जाए तो इस तरह की मौतों को रोका जा सकता है। लोगों को समय- समय पर जांच करानी चाहिए। साथ ही खान पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है और आरामदायक जीवनशैली में भी परिवर्तन लाने की जरूरत है।
Ahmedabad गुजरात में अचानक होने वाली मौतों के मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में पिछले पांच वर्षों के दौरान दर्ज सडन डेथ के अधिकांश मामलों के पीछे हार्ट अटैक सबसे बड़ा कारण बनकर सामने आया है। आंकड़े बताते हैं कि हर वर्ष होने वाली कुल अचानक मौतों (सडन डेथ) में 90 से 97 फीसदी तक मौतें केवल हृदयाघात के कारण हुईं हैं।रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2020 में गुजरात में कुल 2 हजार 861 सडन डेथ दर्ज हुई थीं।
इनमें से 2 हजार 579 लोगों की मौत हार्ट अटैक से हुई, जो कुल मौतों का करीब 90 प्रतिशत था, जबकि 282 मौतें अन्य कारणों से हुईं। वर्ष 2021 में कुल 3 हजार 185 अचानक मौतों में से 2 हजार 948 मौतें हार्ट अटैक से हुईं। यह आंकड़ा करीब 92.5 प्रतिशत रहा। वर्ष 2022 में कुल 3 हजार 27 सडन डेथ में 2 हजार 853 लोगों की मौत हृदयाघात से हुई, जो लगभग 94 प्रतिशत है।इसी तरह वर्ष 2023 में कुल 3 हजार 248 अचानक मौतों में से 3 हजार 156 मौतें हार्ट अटैक के कारण दर्ज की गईं। यह कुल मामलों का लगभग 97 प्रतिशत रहा। वहीं वर्ष 2024 में कुल 3 हजार 336 सडन डेथ में से 3 हजार 253 लोगों की जान हार्ट अटैक से गई, जो करीब 97.5 प्रतिशत है।
अहमदाबाद के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. लाल डागा ने बताया कि तनावपूर्ण जीवनशैली, अनियमित खानपान, व्यायाम की कमी और बढ़ती उम्र के साथ युवाओं में भी हृदय रोग का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। उनका कहना है कि युवाओं में तेजी से बढ़ रहे इस तरह के रोगों से बचने के लिए कुछ सावधानी बरती जाए तो इस तरह की मौतों को रोका जा सकता है। लोगों को समय- समय पर जांच करानी चाहिए। साथ ही खान पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है और आरामदायक जीवनशैली में भी परिवर्तन लाने की जरूरत है।
अहमदाबाद शहर के सोला सिविल अस्पताल में गर्मी के बीच एक सप्ताह में ही डेंगू के नौ मरीजों की पुष्टि हुई है। इसके अलावा अन्य बीमारियों के मरीजों में भी वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले एक सप्ताह के दौरान अस्पताल की ओपीडी में कुल 12 हजार 362 मरीज उपचार के लिए पहुंचे, जबकि 1 हजार 261 मरीजों को विभिन्न बीमारियों के चलते भर्ती किया गया।सोला सिविल अस्पताल के अनुसार डेंगू के 163 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई, जिनमें से 9 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई। वहीं मलेरिया के 621 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई, जिनमें 8 मरीज पॉजिटिव पाए गए। चिकनगुनिया के 8 संदिग्ध मरीजों में से 2 मरीज संक्रमित मिले। इसके अलावा गर्मी और दूषित पानी के कारण पेट संबंधी बीमारियों के मामलों में भी वृद्धि दर्ज की गई। अस्पताल में एक्यूट डायरियल डिजीज के 20 मरीज, बैसिलरी डिसेंट्री के 18 मरीज तथा वायरल हेपेटाइटिस-ए के 3 मरीज सामने आए। वहीं वायरल हेपेटाइटिस-ई के 2 मरीज तथा टायफाइड के 3 मरीज भी दर्ज किए गए।