अहमदाबाद शहर के असारवा स्थित सिविल मेडिसिटी परिसर के एम एंड जे आई इंस्टीट्यूट ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी (नेत्र अस्पताल) में एक वर्ष में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। बीते साल 2024 की तुलना में 2025 में 10 फीसदी मरीज बढ़े हैं।वर्ष 2025 में ओपीडी के तहत 1,89,793 मरीजों ने उपचार लिया, जबकि 10,096 मरीजों […]
अहमदाबाद शहर के असारवा स्थित सिविल मेडिसिटी परिसर के एम एंड जे आई इंस्टीट्यूट ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी (नेत्र अस्पताल) में एक वर्ष में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। बीते साल 2024 की तुलना में 2025 में 10 फीसदी मरीज बढ़े हैं।वर्ष 2025 में ओपीडी के तहत 1,89,793 मरीजों ने उपचार लिया, जबकि 10,096 मरीजों को भर्ती करना पड़ा। अस्पताल में न सिर्फ अहमदाबाद, गुजरात बल्कि अन्य राज्यों से भी मरीज आते हैं। इन राज्यों में राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तरप्रदेश समेत अन्य राज्यों के मरीज शामिल हैं।
अस्पताल के आरएमओ डॉ. उमंग मिश्रा ने बताया कि यह आंकड़ा वर्ष 2024 की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक है, जो संस्थान की सेवाओं पर बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। अस्पताल में वर्षभर में 10,299 सर्जरी की गईं। इनमें से 4,550 मोतियाबिंद सर्जरी, 870 रेटीना सर्जरी, और लगभग 150 ग्लूकोमा सर्जरी शामिल हैं। इसके अलावा 1328 मरीजों को रेटीनोपैथी के तहत इंजेक्शन दिए गए, जबकि 150 तिरछी आंख की सर्जरी और 283 इमरजेंसी ऑपरेशन पुतली फटने जैसी गंभीर स्थितियों में किए गए। उन्होंने बताया कि अस्पताल में बच्चों के उपचार में भी उल्लेखनीय कार्य किया। 115 छोटे आयु वर्ग के मरीजों का रेटीना संबंधित उपचार और सर्जरी की गई।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि इस अवधि में 12,745 मरीजों की आंख की सोनोग्राफी हुई वहीं 1173 मरीजों का अल्ट्रासाउंड बायोमाइक्रोस्कोपी से परीक्षण हुआ। ग्लूकोमा के लिए 2171 मरीजों पर लेजर का उपयोग किया गया। 16,500 से अधिक ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी (ओसीटी) से जांच की गईं। उन्होंने कहा कि इंस्टीट्यूट में वर्ष 2025 में न केवल मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई बल्कि जटिल और विविध प्रकार की नेत्र सर्जरी व जांचों में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।