
वडोदरा. शहर के मध्यस्थ जेल में बैरक बदलने के मुद्दे पर कैदियों और प्रशासन के बीच जमकर बवाल हुआ। कैदियों पर जहां मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता करने का आरोप है, वहीं कैदियों के फिनाइल पीने और मारपीट होने की बात कही जा रही है। फिलहाल पुलिस ने 12 कैदियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
मध्यस्थ जेल में कार्यरत इंस्पेक्टर विपुलचंद्र बारिया ने दर्ज प्राथमिकी में बताया कि टिफिन के समय कैदियों को अलग-अलग बैरक में बदली की जाती है। एक दिन पूर्व 21 कैदियों को अलग-अलग बैरक में बदली की गई थी। इसी दौरान कैदी यशपालसिंह जाडेजा ने बताया कि राजू दलपत गोहिल नामक कैदी उसके साथ भोजन करने से इनकार करता है। इस वजह से उसका बैरक नहीं बदलना जाना चाहिए। लेकिन, उसे बताया गया कि अधीक्षक के आदेश के कारण कैदियों का बैरक बदलना अनिवार्य होता है। इस पर कैदी यशपालसिंह जाडेजा गुस्से में गालियां देने लगा। साथ ही इंस्पेक्टर को जान से मारने की धमकी दी। इस पर कई दूसरे कैदी भी हंगामा करने लगे। इस दौरान दो कैदियों अभिजीत और हर्षिल ने दवा पी ली। अन्य कैदी उन्हें उठा कर यार्ड के बाहर ले जाने लगे। दवाखाना में पहुंचकर वहां तोड़-फोड़ की गई। वहां रखे गए सामानों को इधर से उधर फेंक दिया गया। इसके बाद कैदियों को सयाजी अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान सलमान, सुलतान, हैदर अली, मजीद और साबीर ने गुट बनाकर मौके पर तैनात कर्मचारियों से भिड़ गए।
कैदियों पर खुद को घायल करने का आरोप
प्राथमिकी में बताया गया कि कैदियों ने वहां रखे लोहे के रड और स्टैंड से खुद को घायल किया। इन्हें सयाजी अस्पताल ले जाया गया। इसके अलावा आरोपी सोएब, शब्बीर और आकाश ने दवा पीकर हंगामा किया। इन्हें दूसरे कैदी उठा कर अस्पताल ले गए। मामले में शहर पुलिस उपायुक्त अभय सोनी ने बताया कि वडोदरा जेल में कच्चे काम के कैदियों को टिफिन देने के मामले में फिनाइल और साबुन का पानी पीने की बात प्राथमिक जांच में सामने आई है। सभी की तबीयत अभी ठीक है। इस संबंध में जांच के बाद सारी हकीकत सामने आएगी। वहीं एमएलओ डॉ आर बी चुडास्मा ने बताया कि फिनाइल पीने से खांसी होने और श्वास में तकलीफ होती है। उल्टी आने और सिरदर्द की भी शिकायत होती है। थोड़ी मात्रा में भी फिनाइल पीने से नुकसान होता है। हाल सभी कैदियों के स्वस्थ होने की जानकारी है।