Ahmedabad: गुजरात में निकाय चुनावों से पहले राजनीतिक दलों में अदला-बदली का दौर तेज हो गया है। बुधवार को दाहोद जिले के भाजपा के तीन नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। पालडी स्थित गुजरात प्रदेश कांग्रेस के कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा और विधानसभा में कांग्रेस […]
Ahmedabad: गुजरात में निकाय चुनावों से पहले राजनीतिक दलों में अदला-बदली का दौर तेज हो गया है। बुधवार को दाहोद जिले के भाजपा के तीन नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। पालडी स्थित गुजरात प्रदेश कांग्रेस के कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा और विधानसभा में कांग्रेस दल के नेता डॉ. तुषार चौधरी ने नए सदस्यों के आने पर खुशी जताई। नए नेताओं ने विधिवत रूप से कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।इस कार्यक्रम में झालोद तहसील भाजपा के पूर्व महामंत्री तथा दाहोद जिला भाजपा शिक्षा समिति के पूर्व चेयरमैन महेश मछार घोडिया के पूर्व सरपंच जयंतीभाई, मोहन डामोर और दिनेश निनामा ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस का खेस पहना।
इस मौके पर मछार ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के भ्रष्टाचार और आदिवासी समाज की लगातार उपेक्षा से वे और उनके साथी कार्यकर्ता निराश हो गए थे। इस समस्या के हल स्वरूप वे कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े हैं।कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. मनीष दोशी ने कहा कि भ्रष्ट शासन ने गुजरात और खासकर आदिवासी पट्टे को लगातार नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने छोटा उदेपुर की नकली कचेरी और दाहोद में ट्राइबल सब-प्लान के फंड में गड़बड़ी जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं ने आदिवासी समाज के अधिकारों को छीना है। वहीं कांग्रेस ने हमेशा वचनबद्ध होकर आदिवासी समाज को वन अधिकार कानून और पेसा एक्ट के माध्यम से मज़बूत बनाने का प्रयास किया है। इस मौके पर कांग्रेस के कई नेता मौजूद रहे।