
हिम्मतनगर. साबरकांठा जिले के मुख्यालय हिम्मतनगर सिविल अस्पताल में पिछले 14 दिनों के दौरान चांदीपुरा वायरस के सात संदिग्ध मामले सामने आए। इनमें से तीन बच्चों की मौत हो चुकी है। तीन में से एक राजस्थान के उदयपुर जिले की खेरवाड़ा तहसील के बाबारी गांव निवासी राजकुमार मुकेश डामोर (6) थे जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। बनासकांठा जिले में बनोदरा के प्रिंस खराड़ी (3) की रिपोर्ट निगेटिव आई। वहीं पंचमहाल जिले की वेजलपुर तहसील के व्यासड़ा गांव की काव्या मुन्ना नायक (11) की रिपोर्ट लंबित है।
दो बच्चियां अभी उपचाराधीन हैं जिनमें राजस्थान के उदयपुर जिले की कोटड़ा तहसील के लुक गांव की पायल रोहित पारघी (2) तथा साबरकांठा जिले की खेड़ब्रह्मा तहसील के देडका गांव की जानकी लुका परमार (3) शामिल हैं। इन दोनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इसके अलावा साबरकांठा जिले की विजयनगर तहसील के बिलडिया गांव के मनस्वी अल्पेश बोडात (3) की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद स्वस्थ होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
वहीं, साबरकांठा जिले की पोशीना तहसील के के देमती मेरा गांव की आकृति गोहिल परमार (3) उपचार के दौरान चिकित्सकीय अनुमति के बिना अस्पताल छोड़कर चली गई। उसकी जांच रिपोर्ट अभी लंबित है।
जानकारी के अनुसार, हिम्मतनगर सिविल अस्पताल में गत 26 जून से चांदीपुरा वायरस के संदिग्ध मरीजों का आना शुरू हुआ था। 9 जुलाई तक कुल 7 संदिग्ध मामले दर्ज किए गए। इनमें से तीन बच्चों की मौत हो गई।
हिम्मतनगर सिविल अस्पताल के आरएमओ डॉ. विपुल जानी ने बताया कि चांदीपुरा वायरस के संदिग्ध मरीजों के उपचार के लिए अस्पताल में अलग वार्ड बनाया गया है। सभी मामलों की जानकारी जिला स्वास्थ्य विभाग को दी जाती है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद स्वास्थ्य विभाग संबंधित मरीजों के घर एवं आसपास के क्षेत्रों में आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी सर्वे और एहतियाती कार्रवाई करता है। उल्लेखनीय है कि पंचमहाल जिले की गोधरा तहसील के दो गांवों में दो बच्चों की मौत हुई थी।