-मकान में साथ में ही रहने वाले लोगों ने की थी हत्या, खाने में कीट निकलने पर हुआ था विवाद, सिर पर वार करने के बाद हाथ, पैर बांधे, मुंह में कपड़ा ठूंस कर हो गए थे फरार, जयपुर, आगरा, गुरुग्राम में बदलते रहे ठिकाना
Ahmedabad. शहर के वटवा थाना क्षेत्र में 27 मई को गामडी रोड पर अयोध्या अपार्टमेंट के पास स्थित सतेज होम्स के एक बंद मकान से बंधी हुई अवस्था में मिले युवक के शव की गुत्थी को जोन-8 उपायुक्त की लोकल क्राइम ब्रांच ने सुलझाने का दावा किया है। इस मामले में चार लोगों को चिन्हित करते हुए उसमें से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी नाबालिग है।
जोन-8 उपायुक्त मयूर पाटिल ने रविवार को संवाददाताओं को बताया कि मृतक की शिनाख्त वडोदरा निवासी इमरान सिंघा के रूप में हुई। ये करीब दो साल से अपने परिजनों से अलग रहता था, किसी से संपर्क नहीं करता था। बंद मकान से शव बंधी हुई अवस्था में मिला था। मुंह में कपड़ा भरा था और दोनों हाथ व पैर नायलोन की डोरी से बंधे हुए थे। ऐसे में हत्या की आशंका थी। जांच में पता चला कि यह मकान किराए पर दिया है। ऐसे में मकान के मालिक हाथीजण निवासी रिषभ शर्मा (28) की शिकायत पर इस संबंध में हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि इमरान सिंघा सतेज होम्स के मकान में उसके अन्य चार साथियों के साथ किराए पर रहता था। इसके लिए किराया करार किया था, जिसके आधार पर साथी लोगों की तलाश शुरू की गई, क्योंकि ये सभी घटना के बाद से फरार थे। जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन रवि कुमार और नाबालिग किशोर ने खाना बनाया था। खाने में कीट निकलने पर इमरान ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अपशब्द कहे थे, जिसके चलते इमरान और रवि व किशोर व अन्य साथी विरेन्द्र सिंह, चंद्रमोहन के बीच कहासुनी हुई। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने इमरान के सिर में ताले से वार कर दिया। इससे वह बेहोश हो गया। वह उठेगा तो उनके साथ मारपीट करेगा, यह सोचकर इन लोगों ने इमरान के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और नायलोन की डोरी से उसके हाथ पैर बांध दिए, फिर बाहर से मकान ताला बंद करके सभी फरार हो गए। ऐसे में इमरान की मौत हो गई।
आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद मोबाइल फोन, सिमकार्ड को तोड़ने के बाद जयपुर गए। वहां से आगरा, फिर फतेहाबाद, धौलपुर, मथुरा और वहां से गुरूग्राम गए। ये सभी लगातार लोकेशन बदल रहे थे। जोन-8 की एलसीबी टीम लगातार इन पर नजर रख रही थी। ये गुरूग्राम से बस से रवाना हुए थे। एलसीबी टीम ने बस का पीछा करते हुए पलवल से इन्हें पकड़ लिया। 30 मई को वटवा थाने में दर्ज मामले में गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए आरोपियों में उत्तरप्रदेश के आगरा जिले के फतेहाबाद महेरा चौधरी गांव मूल निवासी विरेन्द्र सिंह उर्फ वीरू बघेल (25), चंद्रमोहन शर्मा (23), बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के महुअल गांव निवासी रवि कुमार शाह (23) शामिल हैं। एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया है।