अहमदाबाद

छोटा उदेपुर जिले में 24 घंटे में 16 ट्रैक्टर और 17 ट्रक सहित कुल 33 वाहन जब्त

छोटा उदेपुर. जिले में अवैध खनिज परिवहन करने की खनिज माफियाओं की मंशा को जिला कलक्टर गर्गी जैन के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीमों ने विफल कर दिया। जिले में 24 घंटे में 16 ट्रैक्टर और 17 ट्रक सहित कुल 33 वाहन जब्त किए।
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Updated: 27 Jun 2026, 9:38 PM IST
Total of 33 vehicles—including 16 tractors and 17 trucks—seized in Chhota Udepur district within 24 hours
विशेष टीम ने जब्त किए वाहन।

खनिज माफियाओं की मंशा को जिला कलक्टर गर्गी जैन के मार्गदर्शन में टीमों ने किया विफल

छोटा उदेपुर. जिले में अवैध खनिज परिवहन करने की खनिज माफियाओं की मंशा को जिला कलक्टर गर्गी जैन के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीमों ने विफल कर दिया। जिले में 24 घंटे में 16 ट्रैक्टर और 17 ट्रक सहित कुल 33 वाहन जब्त किए।
कलक्टर के निर्देश पर जिले के सभी उप कलक्टरों, सभी तहसीलदारों तथा संबंधित अधिकारियों को विशेष जांच अभियान में शामिल किया गया। रात लगभग 10 बजे से शुरू हुए इस अभियान के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक जांच की गई। इस कार्रवाई से अवैध खनिज गतिविधियों में शामिल लोगों में हड़कंप मच गया।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' (शून्य सहनशीलता) की नीति जारी रहेगी और कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सस्ते अनाज की दुकान पर सब्सिडी वाले राशन का घोटाला उजागर, सुरेंद्रनगर जिले के नवागाम में उप कलक्टर की छापेमारी

राजकोट. सुरेंद्रनगर जिले की चोटीला तहसील के नवागाम में सरकारी राशन वितरण में चल रही अनियमितताओं का पर्दाफाश करने वाला एक मामला सामने आया।
जानकारी के अनुसार, नवागाम स्थित सरकारी राशन दुकान में बड़े पैमाने पर कालाबाजारी किए जाने और सरकारी अनाज की हेराफेरी होने की पुख्ता सूचना उच्च प्रशासनिक अधिकारियों को मिली।
इसके आधार पर उप कलक्टर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की एक विशेष टीम गठित की और राशन दुकान पर अचानक छापा मारा। अधिकारियों की टीम ने दुकान में पहुंचते ही सभी रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर और ऑनलाइन लेनदेन से संबंधित दस्तावेजों को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
सरकारी रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी विसंगति
दुकान में रखी अनाज की बोरियों का भौतिक सत्यापन और वजन करने पर सरकारी रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी विसंगति सामने आई। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि सब्सिडी वाला गेहूं, चावल और अन्य खाद्यान्न गरीबों तक पहुंचाने के बजाय खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा था।
छापेमारी के दौरान दुकान संचालक छत्रजीत जेबलिया की लापरवाही और अनियमितताएं सामने आने पर उप कलक्टर ने मौके पर ही कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए। आपूर्ति विभाग ने तत्काल प्रभाव से संदिग्ध राशन स्टॉक जब्त कर दुकान को सील कर दिया। साथ ही संचालक के खिलाफ लाइसेंस निलंबित करने सहित सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई शुरू की गई।

Updated on:
27 Jun 2026, 9:38 PM IST
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