गुजरात में मौसम ने गुरुवार को अचानक करवट ली। राज्य के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश हुई। इसके अलावा अहमदाबाद सहित कई जगहों पर धूल भरी आंधी देखी गई वहीं तेज हवाओं के साथ ओले भी गिरे। गुरुवार को पूरे दिन में अमरेली जिले की बगसरा तहसील में सबसे अधिक 1.61 इंच बारिश हुई। सुरेंद्रनगर […]
गुजरात में मौसम ने गुरुवार को अचानक करवट ली। राज्य के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश हुई। इसके अलावा अहमदाबाद सहित कई जगहों पर धूल भरी आंधी देखी गई वहीं तेज हवाओं के साथ ओले भी गिरे। गुरुवार को पूरे दिन में अमरेली जिले की बगसरा तहसील में सबसे अधिक 1.61 इंच बारिश हुई। सुरेंद्रनगर जिले की चोटीला तहसील में 1.54 इंच, राजकोट शहर व जूनागढ़ की भेंसाण तहसील में भी करीब डेढ़ इंच बारिश हुई। राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसम में आए इस बदलाव ने किसानों को चिंता में डाल दिया है, क्योंकि इस समय रबी फसलों की कटाई हो रही है। मौसम विभाग ने राज्य के कुछ हिस्सों में 21 मार्च तक बारिश की संभावना जताई है।
कच्छ, सूरत, बनासकांठा और पाटण तहसीलों में भी बारिश और धूल भरी आंधी का असर देखा गया। इसके अलावा गुरुवार सुबह छह बजे से रात आठ बजे तक अन्य तहसीलों की बात करें तो राजकोट की उपलेटा,धोराजी, देवभूमि द्वारका जिले की ओखामंडल, वाव-थराद की भाभर, अमरेली की सावरकुंडला तहसील में भी लगभग 20 मिलीमीटर बारिश हुई। दिन भर में राज्य की कुल 72 तहसीलों में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज हुई है।मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के कारण यह मौसम परिवर्तन हुआ है। राज्य के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं और धूल भरी आंधी चलीं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। खासकर, सौराष्ट्र और कच्छ के कई जिलों में यह प्रभाव अधिक देखा गया। 21 मार्च तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में और बेमौसम बारिश हो सकती है। विशेषकर बनासकांठा, पाटण, साबरकांठा, कच्छ, और दक्षिण गुजरात में बारिश की संभावना जताई गई है।
हालांकि, बेमौसम बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी, लेकिन यह किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। इस समय गेहूं, चना, जीरा और सौंफ जैसी रबी फसलें तैयार खड़ी हैं और बारिश से इन फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है। राज्य के कृषि विभाग ने किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
अहमदाबाद/राजकोट/पाटण. गुजरात में गुरुवार को मौसम में अचानक बदलाव के साथ आंधी, तेज हवाएं और बेमौसम बारिश ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई। राजकोट में महज एक घंटे में डेढ़ इंच बारिश से शहर जलमग्न हो गया। तेज हवाओं के कारण मंडप, पेड़ और होर्डिंग्स गिर गए, जबकि सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया और कई जगह बिजली आपूर्ति बाधित रही।
जामनगर में तेज हवाओं के साथ धूलभरी आंधी चली, जिससे विजिबिलिटी कम हो गई और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर सोलर पैनल उड़कर सड़कों पर गिर गए।
पाटण जिले के सांतलपुर और समी क्षेत्रों में तूफान ने भारी नुकसान पहुंचाया। कई मकानों के छप्पर उड़ गए, दीवारें गिर गईं और लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए। छोटे रण क्षेत्र में अगरिया समुदाय को भी बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ, जहां नमक उत्पादन प्रभावित हुआ और सोलर प्लेटें टूट गईं।
महेसाणा, वडोदरा, जूनागढ़ समेत अन्य जिलों में भी तेज हवाओं और बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ। कई जगह ओलावृष्टि की भी खबर है।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम विक्षोभ के असर से अगले 24 घंटों तक ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक बाहर न निकलने की अपील की है।