
वडोदरा. भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की पहल ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के अंतर्गत युवा संगम फेज-7 के तहत चंडीगढ़ से युवा प्रतिनिधिमंडल गुजरात पहुंचा। वडोदरा में गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूजी) में प्रतिनिधिमंडल स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी गुजरात की संस्कृति, परंपराओं, ऐतिहासिक विरासत, प्रौद्योगिकी और विकास से परिचित होंगे।
सीयूजी में स्वागत कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डभोई के विधायक शैलेश मेहता थे। उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गुजरात महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल की जन्मभूमि है तथा यहां की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत देश की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। गुजरात अपनी समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली इतिहास और विशिष्ट परंपराओं के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है।
उन्होंने प्रतिभागियों को गुजरात के ऐतिहासिक स्मारकों और सांस्कृतिक धरोहरों का भ्रमण करने तथा यहां की विविध परंपराओं को करीब से समझने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रतिभागियों से गरबा में भाग लेने की भी अपील की।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि पद्मश्री निलेश मांडलेवाला ने युवाओं से गुजरात की सांस्कृतिक धरोहरों को जानने, यहां की परंपराओं को समझने और अपने अनुभवों को साझा करने की अपील की। अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी तुषार पी. अरोठे ने कहा कि ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली से युवाओं को जोड़ने की एक अनूठी पहल है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सीयूजी के प्रभारी कुलपति प्रो. अतनु भट्टाचार्य ने कहा कि इस पहल का प्रमुख उद्देश्य विभिन्न राज्यों के युवाओं को एक-दूसरे की भाषा, संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली को करीब से जानने तथा अनुभव करने का अवसर प्रदान करना है।
युवा संगम फेज-7 के नोडल अधिकारी प्रो. अतनु महापात्र ने बताया कि गुजरात प्रवास के दौरान प्रतिनिधिमंडल के सदस्य राज्य की सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ यहां की प्रौद्योगिकी, विकास और प्रगति से भी परिचित होंगे। इस यात्रा से प्रतिभागियों को गुजरात के सामाजिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक पहलुओं को समझने का अवसर मिलेगा।