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राष्ट्रीय डाक सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता की विजेता छात्रा मीरा का सम्मान

यादव ने कहा कि डाक टिकट किसी भी राष्ट्र की सभ्यता, संस्कृति एवं विरासत के संवाहक हैं। सोशल मीडिया के इस दौर में युवा पीढ़ी को फिलेटली और पत्र लेखन जैसी अभिरुचियों से जोड़कर और भी रचनात्मक बनाया जा सकता है। उन्होंने 'राष्ट्रीय डाक सप्ताह' के क्रम में अहमदाबाद में सोमवार को ‘फन विथ फिलेटली दिवस’ पर आयोजित कार्यक्रम में सह बात कही।
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Meera, Winner of International Letter-Writing Competition, Honored During National Postal Week

छात्रा का सम्मान करते।

अहमदाबाद. राष्ट्रीय डाक सप्ताह के ‘फन विद फिलेटली दिवस’ पर उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने अंतरराष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता की विजेता अहमदाबाद की छात्रा मीरा पी. ठक्कर को सम्मानित किया। ठक्कर अहमदाबाद स्थित महाराजा अग्रसेन विद्यालय की कक्षा 8वीं की छात्रा है। उसे 25 हजार रुपए की धनराशि का चेक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
यादव ने कहा कि डाक टिकट किसी भी राष्ट्र की सभ्यता, संस्कृति एवं विरासत के संवाहक हैं। सोशल मीडिया के इस दौर में युवा पीढ़ी को फिलेटली और पत्र लेखन जैसी अभिरुचियों से जोड़कर और भी रचनात्मक बनाया जा सकता है। उन्होंने 'राष्ट्रीय डाक सप्ताह' के क्रम में अहमदाबाद में सोमवार को ‘फन विथ फिलेटली दिवस’ पर आयोजित कार्यक्रम में सह बात कही।

वडोदरा की केशवी रहीं द्वितीय

उन्होंने कहा कि 'डिजिटल दुनिया में मानवीय जुड़ाव क्यों मायने रखता है' विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में गुजरात परिमंडल के विभिन्न विद्यालयों के कुल 1796 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इनमें वडोदरा स्थित भारतीय विद्या भवन्स वी. एम. पब्लिक स्कूल की छात्रा केशवी डी. जोशी ने द्वितीय स्थान तथा पाटण स्थित सरियद कुमार प्राथमिक विद्यालय के छात्र दीक्षित टी. रबारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
यादव ने कहा कि डिजिटल युग में भी पत्रों का अपना विशेष महत्व है, क्योंकि वे मानवीय भावनाओं, आत्मीयता और व्यक्तिगत जुड़ाव को सशक्त रूप से अभिव्यक्त करते हैं। वहीं, फिलेटली अर्थात डाक टिकट संग्रह विद्यार्थियों को देश-दुनिया के इतिहास, कला, संस्कृति एवं विरासत से जोड़ने का एक रोचक माध्यम है। फिलेटली को "किंग आफ हॉबी व हॉबी आफ किंग" के रूप में जाना जाता है, जिसमें रूचि रखने पर विविध विषयों पर डाक टिकटों का संग्रह कर सकते हैं। संचार के बदलते दौर में आज की युवा पीढ़ी सोशल मीडिया की ओर अधिक आकर्षित हो रही है, ऐसे में बच्चों को पत्र लेखन और फिलेटली से जोड़ना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।