
शारदाबेन हॉस्पिटल।
Ahmedabad: शहर के सरसपुर में महानगरपालिका संचालित शारदाबेन अस्पताल में जर्जर इमारत का असर मरीजों के इलाज पर पड़ रहा है। अस्पताल में सुरक्षा कारणों से पुराना कैजुअल्टी विभाग बंद करना पड़ा है, वहीं ऑपरेशन थिएटर की संख्या घटने से सर्जरी में करीब 30 प्रतिशत की कमी आई है। बेड की उपलब्धता घटने से भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या भी कम हुई है। ऐसे में गंभीर मरीजों और सर्जरी की जरूरत वाले मरीजों को असारवा स्थित सिविल अस्पताल, मनपा संचालित एलजी और सरदार वल्लभभाई पटेल (एसवीपी) अस्पताल का रुख करना पड़ रहा है। नई इमारत में सुविधाएं उपलब्ध होने का अभी इंतजार है।
अस्पताल की पुरानी इमारत में छत के प्लास्टर के टुकड़े गिरने और ढांचे के जर्जर होने से मरीजों तथा चिकित्सा कर्मचारियों की सुरक्षा का सवाल खड़ा हो गया था। इसके बाद पुराना कैजुअल्टी विभाग बंद कर आपातकालीन उपचार के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई। पहले जहां 12 ऑपरेशन थिएटर (ओटी) कार्यरत थे, वहीं अब आठ थिएटर में ही काम चल रहा है। इसका असर सर्जरी की संख्या पर पड़ा है। सीमित बेड के कारण भर्ती मरीजों की संख्या में भी करीब 30 प्रतिशत कमी आई है।
अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हेतल वोरा के अनुसार, अभी लगभग 100 बेड की कमी आई है। इसी तरह ओपीडी के मरीजों की संख्या भी कम हुई है। उनके अनुसार, सरसपुर में ही अलग से बिल्डिंग तैयार की जा रही है। निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन आंतरिक सुविधाओं और जरूरी सेवाओं को शुरू करने का काम बाकी है। इस कारण अस्पताल की पूरी व्यवस्था वहां स्थानांतरित नहीं हो पाई है। फिलहाल बगल के ए-ब्लॉक में सीमित सुविधाओं के साथ उपचार जारी है। कुछ मरीजों को उपचार के लिए अन्य अस्पतालों में भेजा जा रहा है। आयुष्मान कार्डधारक मरीज भी उपचार के लिए एसवीपी अस्पताल जा रहे हैं। नई बिल्डिंग में जरूरी सेवाएं शुरू होने और पूरी व्यवस्था स्थानांतरित होने के बाद ही अस्पताल की उपचार क्षमता सामान्य होने की उम्मीद है।
Updated on:
11 Oct 2026 10:38 pm
Published on:
11 Oct 2026 10:37 pm
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