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दुर्गा पूजा महोत्सव का शुभारंभ, निकाली कलश एवं कला शोभायात्रा

मुजमहूड़ा िस्थत हाटकेश्वर महादेव मंदिर से अकोटा अतिथि गृह तक निकाली शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साह, श्रद्धा और अपार भक्ति भाव के साथ सहभागिता की। यह शोभायात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि अकोटा वाली मैया के प्रति अटूट आस्था, सनातन संस्कृति के गौरव और समाज की सामूहिक श्रद्धा का विराट उत्सव बनकर सामने आई।
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Durga Puja Festival Begins: 'Kalash' and Cultural Procession Taken Out

कलश यात्रा में शामिल महिलाएं।

वडोदरा. बिहार सांस्कृतिक मंडल द्वारा शहर में विख्यात अकोटा वाली मैया के भव्य दुर्गा पूजा महोत्सव के तहत रविवार सुबह भव्य कलश एवं कला शोभायात्रा निकाली गई।
मुजमहूड़ा िस्थत हाटकेश्वर महादेव मंदिर से अकोटा अतिथि गृह तक निकाली शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साह, श्रद्धा और अपार भक्ति भाव के साथ सहभागिता की। यह शोभायात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि अकोटा वाली मैया के प्रति अटूट आस्था, सनातन संस्कृति के गौरव और समाज की सामूहिक श्रद्धा का विराट उत्सव बनकर सामने आई।
पूरे मार्ग में जय माता दी, जय श्रीराम और जय श्रीकृष्ण के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं की उमंग, पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज और आकर्षक धार्मिक झांकियों ने वडोदरा में दुर्गा पूजा महोत्सव के आगमन को एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक स्वरूप प्रदान किया।
यात्रा का विशेष आकर्षण रामानुजाचार्य गुप्तेश्वर पांडेय की मुख्य रथ पर उपस्थिति रही। उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म, भक्ति और सनातन संस्कारों से जुड़ने की अपील करते हुए आगामी श्रीमद्भागवत कथा में सपरिवार सम्मिलित होने का निमंत्रण दिया।
इस अवसर पर अरविंद बापू, नित्यानंद महाराज तथा इस्कॉन के संतों की उपस्थिति ने आयोजन को आध्यात्मिक ऊर्जा और संत परंपरा के आशीर्वाद से अभिसिंचित किया।
बिहार सांस्कृतिक मंडल द्वारा आयोजित यह कलश एवं कला शोभायात्रा अकोटा वाली मैया के दुर्गा पूजा महोत्सव की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा रही। इसका उद्देश्य माता रानी के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग को भक्ति, सेवा, संस्कार और सांस्कृतिक एकता के सूत्र में जोड़ना था।

धार्मिक एवं सांस्कृतिक झांकियों ने किया भावविभोर

शोभायात्रा में पारंपरिक ऊंटगाड़ी, बैलगाड़ी, गजराज, ढोल-ताशे और ड्रोन के माध्यम से पुष्पवर्षा प्रमुख आकर्षण रहे। विभिन्न सुसज्जित वाहनों पर श्रीराम दरबार, श्रीकृष्ण दरबार, दुर्गा माता के दिव्य दरबार सहित अनेक धार्मिक एवं सांस्कृतिक झांकियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
आयोजन में बिहार सांस्कृतिक मंडल के संयोजक बी. एन. ठाकुर एवं महासचिव विधान झा उपस्थित रहे। पूर्वांचल लोकगीत मंडल के राजू तिवारी, श्याम सेवा समिति के रामकेश तथा नीता के अलावा बी. के. मिश्रा सहित सामाजिक संगठनों एवं श्रद्धालुओं की सहभागिता रही।

13 से श्रीमद्भागवत कथा

अकोटा वाली मैया के दुर्गा पूजा महोत्सव के तहत 13 से 19 अक्टूबर तक प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से अकोटा अतिथि गृह, वडोदरा में रामानुजाचार्य गुप्तेश्वर पांडेय श्रीमद्भागवत कथा सुनाएंगे।