अजमेर

सात साल बाद भी नहीं बनाए 240 आवास

अफोर्डेबल हाउसिंग योजना : काम से पहले कंपनी मांग रही दाम, अब सरकार करेगी निर्णय
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Feb 17, 2020
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अजमेर. ब्यावर रोड-तबीजी स्थित एडीए (अजमेर विकास प्राधिकरण) की अफोर्डेबल हाउसिंग योजना Affordable housing scheme में आवास निर्माण कार्य पूरा करने में ढिलाई बरत रही निर्माण कम्पनी company के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई करने से एडीए ने हाथ खड़े कर दिए हैं। हालांकि यह मामला प्राधिकरण ने अब सरकार government के पास भेज दिया है, जिस पर वही निर्णय लेगी। एडीए ने मामले से सरकार को अवगत करवाया है।

प्राधिकरण के अनुसार कम्पनी ने अभी तक योजना के शेष रहे 240 आवासों का निर्माण पूरा नहीं किया है और ना ही प्राधिकरण के आदेशों को ही मान रही है। प्राधिकरण जहां कम्पनी को पहले निर्माण कार्य पूरा करने के लिए कह चुका है, वहीं कम्पनी अपना बकाया भुगतान लेने पर अड़ी हुई है। निर्धारित समयावधि में निर्माण कार्य पूरा नहीं करने पर कम्पनी पर अप्रेल 2019 से प्रतिदिन 4700 रुपए का जुर्माना भी लग रहा है। जिसका आंकड़ा लगभग 14 लाख तक पुहंच गया है, लेकिन निर्माण कम्पनी इसे नहीं चुका रही है। एडीए ने कम्पनी को पिछले साल कई बार मोहलत भी दी। इसके बावजूद कम्पनी ने शेष रहे आवास निर्माण में रुचि नहीं दिखाई।

आवंटी परेशान, शिकायतों का नहीं समाधान

अफोर्डेबल हाउसिंग योजना के तहत 20 करोड़ 24 लाख रुपये में कुल 536 आवास निर्माण का ठेका गोल्डन इंफ्रास्ट्रक्चर कम्पनी को 15 सितम्बर 2011 को दिया गया था। जिसमें ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 240, एलआईजी-92 तथा एमआई श्रेणी के 104 अवास 19 सितम्बर 2014 तक निर्मित कर उपलब्ध कराने थे। लेकिन तयशुदा समय से साढ़े पांच साल ज्यादा बीत जाने के बावजूद अभी भी 240 आवास का निर्माण कार्य शेष है। आवास निर्माण में विलंब से आवास के लिए राशि जमा करवा चुके आवंटी कब्जा लेने के लिए प्राधिकरण के चक्कर लगा रहे हैं। इस मामले में परेशान आवंटी सांसद और विधायक से लेकर सम्पर्क पोर्टल तक पर शिकायतें दर्ज करवा चुके हैं।

इधर, एडीए दे चुका अधिक भुगतान

योजना के तहत निर्माता कम्पनी को अदा की जाने वाली 20 करोड़ 24 लाख रुपए में से तकरीबन 87 प्रतिशत राशि 17 करोड़ 64 लाख रुपए का भुगतान एडीए कर चुका है। शेष राशि का भुगतान आवास निर्माण कार्य पूरा होने तथा प्राधिकरण को समस्त आवास सुपुर्द कर दिए जाने के बाद होना था। लेकिन कम्पनी निर्माण से पूर्व ही काम कि ए जाने के आधार पर नियमानुुसार देय होने वाली राशि में से शेष रहे 55 लाख 82 हजार रुपए का भुगतान मांग रही है। इसके लिए कंपनी उच्च स्तर पर विभिन्न माध्यमों से दबाव बनाने से भी नहीं चूक रही, जबकि प्राधिकरण निविदा शर्तों से बाहर जाकर कम्पनी को पूर्व में ही करीब 43 लाख रुपए का अधिक भुगतान कर चुका है। जिसकी वसूली की कोई कवायद एडीए के स्तर पर नहीं की गयी है।
इनका कहना है

इस योजना का काम कर रहा डवलपर काम छोड़ कर भाग गया है। उसे अंतिम नोटिस दिया जा रहा है। काम पूरा करवाया जाएगा।

-अनिल गुप्ता, चीफ इंजीनियर

Published on:
17 Feb 2020 08:04 am