
अजमेर। कांग्रेस ने नगर निगम महापौर चुनाव होने तक पार्षदाें को संगठित रखने के लिए बड़ा कदम उठाया। आरटीडीसी के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ की अगुवाई में कांग्रेस ने पार्षदों को बेंगलूरु भेज दिया। सभी पार्षद फिलहाल कर्नाटक सरकार की मेजबानी-निगरानी में रहेंगे। नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के 37 पार्षद जीते हैं। इन्हें महापौर चुनाव तक एकजुट रखना सबसे बड़ी चुनौती है। पहले कांग्रेस ने निर्वाचित पार्षदों को पुष्कर में गोपनीय स्थान पर रखा था।
एआइसीसी और पीसीसी के निर्देश पर कांग्रेस ने अचानक प्लान बदल दिया। पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ की अगुवाई में पार्षदों को प्लेन से बेंगलूरु शिफ्ट कर दिया। कांग्रेस पार्षद कर्नाटक के सीएम डीके शिवकुमार सरकार की मेजबानी में रहेंगे। 21 सितम्बर को महापौर चुनाव से पहले वापस अजमेर लौटेंगे। मालूम हो कि डीके शिवकुमार नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, एआइसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के भरोसेमंदों में शामिल हैं। उन्होंने कई बार संकट आने पर विभिन्न प्रदेशों के विधायकों-पार्षदों को रिसॉर्ट में रखा है।
अधिकृत सूत्रों के अनुसार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने अजमेर शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल, पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेद्र राठौड़, पूर्व नेता प्रतिपक्ष द्रोपदी कोली और अन्य से प्रत्याशियों के बारे में फीडबैक लिया। इस दौरान रश्मि शर्मा, किरण गढ़वाल, रश्मि हिंगोरानी, आशा तुनवाल सहित कई नाम पर चर्चा हुई। बाद में सर्वसम्मति से किरण को महापौर प्रत्याशी बनाना तय हुआ।
अजमेर में नगर निगम महापौर पद के लिए कांग्रेस की किरण का भाजपा की अनामिका से मुकाबला होगा। भाजपा ने वार्ड 3 की पार्षद अनामिका शर्मा और कांग्रेस ने वार्ड 57 की पार्षद किरण गढ़वाल को महापौर प्रत्याशी घोषित किया है। दोनों ने निगम कार्यालय में पहुंचकर नामांकन किया। महापौर पद का चुनाव 21 सितम्बर को होगा। महापौर पद की कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल ने कहा कि महिला सुरक्षा उनकी प्रमुख प्राथमिकता होगी। युवाओं के लिए खेल मैदान और बेहतर सुविधाएं, शहर के चहुंमुखी विकास के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी। शहर के सभी वर्गों को साथ लेकर अजमेर के विकास को गति देने के लिए कार्य किया जाएगा।
महापौर चुनाव 21 सितम्बर को होंगे। अंदरखाने भाजपा और कांग्रेस को एकदूसरे से खतरा बना हुआ है। दोनों ही पार्टियां अपने-अपने पक्ष में अधिकतम निर्दलीय पार्षद होने का दावा कर रही है। लेकिन दावे और हकीकत महापौर पद चुनाव के दौरान सामने दिखाई देंगे।