16 सितंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Ajmer Crime: मां की हत्या करने वाले बेटे को उम्रकैद की सजा, 25 गवाहों ने दिए बयान

अजमेर में मां की हत्या के मामले में अदालत ने बेटे को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अजयसर निवासी बाबू उर्फ बबलू पर कुल्हाड़ी से मां की हत्या करने का आरोप था। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने 25 गवाह पेश किए।
2 min read
Google source verification

अजमेर

image

Kamal Mishra

Sep 16, 2026

ajmer crime

Ajmer: उम्रकैद का दोषी बाबू उर्फ बबलू (फोटो-पत्रिका)

अजमेर। अजयसर गांव में करीब दो साल पहले खाना खा रही मां की कुल्हाड़ी से हत्या करने वाले बेटे को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश नीरज गुप्ता ने बुधवार को मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी बाबू उर्फ बबलू को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के तहत दोषी माना। अदालत ने उस पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 25 गवाहों के बयान करवाए और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया गया।

अभियुक्त के खिलाफ उसके भाई कालू पुत्र शंकर चीता ने पुलिस थाना गंज में 9 नवम्बर 2024 को रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। कालू के मुताबिक वह घटना के समय मजदूरी करने गया हुआ था। इसी दौरान धर्मा काका ने फोन कर बताया कि उसके छोटे भाई बाबू उर्फ बबलू ने मां हंजा देवी पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया है। सूचना मिलते ही कालू घर पहुंचा तो वहां ग्रामीणों की भीड़ जमा थी।

खाना खाते समय मां पर किया हमला

घटना के वक्त हंजा देवी अपनी छोटी बेटी आशा के साथ खाना खा रही थीं। आशा के अनुसार, इसी दौरान बाबू हाथ में कुल्हाड़ी लेकर घर पहुंचा। उसने गुस्से में मां को जान से मारने की बात कही और उनके सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर दिए। हमले में हंजा देवी की मौके पर ही मौत हो गई थी।

मां पर हमला करने के बाद आरोपी अपनी छोटी बहन आशा की तरफ भी कुल्हाड़ी लेकर दौड़ा। आशा ने शोर मचाते हुए घर से बाहर भागकर अपनी जान बचाई। उसकी चीख सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और आरोपी को पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और गंज थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

जमीन विवाद की बात आई थी सामने

घटना के बाद पुलिस की शुरुआती जांच में पुश्तैनी जमीन से जुड़े विवाद की बात सामने आई थी। मृतका के पति शंकर ने पुलिस को बताया था कि अजयसर में हंजा देवी के नाम करीब डेढ़ बीघा जमीन थी। परिवार में आपसी समझौते के बाद जमीन के हिस्से किए गए थे। बताया गया कि बड़े बेटे याकूब ने कर्ज के चलते अपना हिस्सा बेच दिया था। वहीं, बबलू को शक था कि याकूब ने मां के साथ मिलकर उसके हिस्से की जमीन भी बेच दी है। इसी बात को लेकर विवाद चल रहा था।

पुलिस ने एफएसएल और एमओबी टीम से घटनास्थल की जांच करवाकर साक्ष्य जुटाए थे। अनुसंधान पूरा होने के बाद आरोपी के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया गया।

यह वीडियो भी देखें :

25 गवाहों के बयान के बाद फैसला

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से राजकीय अधिवक्ता हरदेव सिंह रावत ने पैरवी की। अभियोजन ने अदालत में 25 गवाहों के बयान दर्ज करवाए और मामले से जुड़े साक्ष्य प्रस्तुत किए। गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने बाबू उर्फ बबलू को हत्या का दोषी माना। इसके बाद उसे आजीवन कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई।