
अजमेर. निकाय चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद एक प्रत्याशी के परिजन ने ढोल की थाप पर नाचकर जताई खुशी (Photo-Patrika)
अजमेर. नगर निगम के 80 वार्डों के चुनाव नतीजे सोमवार को घोषित हुए। मतदाताओं ने अप्रत्याशित उलटफेर करते हुए भाजपा को 36 साल बाद झटका दिया। भाजपा 80 में से 32 वार्ड ही जीत सकी। कांग्रेस ने 37 वार्ड जीतकर चौंका दिया। हालांकि दोनों ही दलों को निगम में पूर्ण बहुमत नहीं मिल सका। निर्दलीय और बागी 11 वार्ड जीतने में सफल रहे। अब सत्ता की चाबी निर्दलीयों के हाथ में आ गई है। दोनों दल बहुमत का आंकड़ा पाने के लिए जोड़-तोड़ में लग गए हैं। पॉलिटेक्निक कॉलेज में सुबह 8 बजे ईवीएम से मतगणना शुरू हुई। जैसे-जैसे राउंड आगे बढ़े प्रत्याशियों के समर्थकों-अभिकर्ताओं की धड़कनें तेज हो गईं। सबसे पहले नतीजा वार्ड 56 का घोषित हुआ। यहां निर्दलीय प्रत्याशी ने बाजी मारी। इसके बाद मतगणना का दौर आगे बढ़ता गया। केंद्र और राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा के लिए निगम चुनाव नतीजे आशानुकूल नहीं रहे। भाजपा अजमेर उत्तर और अजमेर दक्षिण विधानसभा में महज 32 वार्ड ही जीत सकी।
किशनगढ़ नगर परिषद के 60 वार्डों में भाजपा के 29, कांग्रेस के 21 और 10 निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे। वहीं ब्यावर नगर परिषद के 60 वार्डों में भाजपा के 23, कांग्रेस के 20, रालोपा के 4 और 13 निर्दलीय प्रत्याशी जीते। केकड़ी पालिका के 40 वार्डों में कांग्रेस ने 20 सीटें जीतकर बढ़त बनाई। भाजपा के 18 और रालोपा के 2 प्रत्याशी विजयी रहे। दूसरी ओर सावर पालिका के 20 वार्डों में भाजपा ने 15 और कांग्रेस ने 5 सीटें जीतीं। सरवाड़ के 25 वार्डों में भाजपा के 15 और कांग्रेस के 10 प्रत्याशी विजयी रहे।
1990 से लगातार नगर निगम में पराजय झेल रही कांग्रेस ने इस बार बेहतरीन प्रदर्शन से सबको चौंका दिया। कांग्रेस ने 80 में से 37 वार्ड में जीत दर्ज की। टिकट कटने पर बागी बने कई कांग्रेसी भी निर्दलीय चुनाव जीतने में सफल रहे। मालूम हो कि 2010 में हुए चुनाव में कांग्रेस के कमल बाकोलिया महापौर चुने गए थे, लेकिन बोर्ड भाजपा का बना था।
| पार्टी / दल | जीती गई सीटें |
| कांग्रेस | 37 |
| भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) | 32 |
| अन्य / निर्दलीय | 11 |
| कुल सीटें | 80 |
| बहुमत के लिए जरूरी | 41 |
"लोकतंत्र में जनता का निर्णय सर्वोपरि है। भाजपा 32 वार्डों में जीत के साथ निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से बहुमत के आंकड़े को पार कर रही है। केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाना पार्टी की प्राथमिकता रहेगी।"
— रमेश सोनी, जिलाध्यक्ष, भाजपा
"भाजपा के 36 साल के कुशासन, सड़क, बिजली, पेयजल सहित, सेवन वन्डर्स, फूड कोर्ट के घोटालों के मुद्दों पर कांग्रेस ने चुनाव लड़ा। चुनाव की रणनीति बनाकर पदाधिकारियों के साथ चर्चा की गई। नगर निगम में कांग्रेस का बोर्ड बनाकर शहर के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।"
— डॉ राजकुमार जयपाल, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
Updated on:
15 Sept 2026 11:17 am
Published on:
15 Sept 2026 11:17 am
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