अजमेर

बांडी नदी किनारे चौपाटी निर्माण पर खर्च होंगे 6.87 करोड़

जिला कलक्टर ने तैयार करवाई डीपीआर द्रव्यवती नदी के रूप में विकसित होगी बांडी नदी बांडी नदी का सर्वे करने पहुंचे एडीए अधिकारी 2 किमी लम्बाई प्रस्तावित है चौपाटी की लम्बाई राजस्थान पत्रिका की मुहिम का असर  

2 min read
Sep 08, 2020
bandi RIVER

भूपेन्द्र सिंह

अजमेर. आनासागर anasagar से फॉयसागर foysagar को जोडऩे वाली बांडी नदी river Bandi के अस्तित्व को बचाने के लिए अब धरातल पर काम शुरु हो गया है। राजस्थान पत्रिका की ओर से बांडी नदी को लेकर छेड़ी गई मुहिम के बाद जिला कलक्टर एवं अजमेर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रकाश राजपुरोहित और प्राधिकरण आयुक्त रेणु जयपाल ने इसे लेकर सक्रियता दिखाई है। बांडी नदी के किनारे तीन चरणों में चौपाटी निर्माण का निर्णय किया गया है। इसके लिए 6.87 करोड़ की डीपीआर तैयार कर ली गई है। इसके तहत पुष्कर रोड से आर.के.पुरम तक 2 किमी तक चौपाटी बनेगी। जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने इसे फॉयसागर तक विकसित करने के निर्देश भी दिए हैं। चौपाटी निर्माण के साथ ही 1200 पौधे लगाकर नदी किनारे हरियाली भी विकसित की जाएगी। बांडी नदी की दीवार को ऊंचा किया जाएगा। स्मार्ट लाइटिंग होगी, हैरिटेज लाइट के पोल लगाए जाएंगे। बैठने के लिए बेंच लगाई जाएंगी। इसके किनारे लैंड स्केपिंग की जाएगी।
नदी किनारे देखे अतिक्रमण

सोमवार को प्राधिकरण के गिरदावर भानू प्रताप सिंह के नेतृत्व में गिरदावर माया धवनपारिया, पटवारी यतीन्द्र वैष्णव तथा महेन्द्र गहलोत के नेतृत्व में प्राधिकरण की टीम बांडी नदी के सर्वे के लिए पहुंची। टीम ने फॉयसागर (बांडी का उद्गम स्थल) से सर्वे शुरु किया। टीम ने हाथीखेड़ा, बोराज तक सर्वे किया। सर्वे में कई अतिक्रमण, नदी की भूमि पर धार्मिक स्थल का निर्माण नजर आया। टीम ने नदी में हुए अतिक्रमण की रिपोर्ट तैयार की है। सर्वे दो दिन और चलेगा।
तीन चरण में होगा काम

प्रथम चरण में बांडी नदी पर पुष्कर रोड से हरिभाऊ उपाध्याय नगर बी ब्लॉक तक 480 मीटर चौपाटी बनेगी। इंटरलॉकिंग ब्लॉक लगाने के साथ पेड़ पौध भी लगाए जाएंगे। इनकी सुरक्षा के लिए सुंदर जाली व आकर्षक गेट भी लगाए जाएंगे। तीन मीटर चौड़ा पाथ-वे बनेगा। बैठने के लिए बेंच लगाई जाएंगी। लोग सुबह शाम घूमने का आनन्द ले सकेंगे।

दूसरे चरण में रामनगर स्कूल तक 367 मीटर चौपाटी बनेगी। बबूल व झाड़ झंखाड़ हटाए जाएंगे, नदी की टूटी दीवारों की मरम्मत की जाएगी।

तीसरे चरण में ज्ञान विहार से आर.के.पुरम तक 1100 मीटर लम्बी चौपाटी बनेगी। बांडी नदी की दीवार ऊंची की जाएगी। दो मीटर ऊं ची जाली लगेगी। इंटरलॉकिंग ब्लॉक लगाने के साथ पेड़ पौध भी लगाए जाएंगे। इनकी सुरक्षा के लिए सुंदर जाली व आकर्षक गेट भी लगाए जाएगा। पेड़ पौधे की तीन साल तक सुरक्षा भी की जाएगी।

Updated on:
07 Sept 2020 10:45 pm
Published on:
08 Sept 2020 07:04 am
Also Read
View All