कर्मचारी के कमरे से बाहर निकलने की बात कहने पर छात्र भड़क गए।
अजमेर
सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय में हंगामा हुआ। प्राचार्य की गैर मौजूदगी से नाराज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने उनके कमरे में जबरदस्त नारेबाजी और प्रदर्शन किया। छात्रों ने प्राचार्य की कुर्सी को उठा लिया। मौके पर मौजूद क्लाक टावर थाना पुलिसकर्मियों ने छात्रों को खदेड़ दिया। साथ ही तीन छात्रों को पकड़कर थाने ले गए। इससे एकबारगी कॉलेज में अफरा-तफरी का माहौल हो गया।
विद्यार्थी परिषद के महानगर मंत्री मेहुल गर्ग सहित अन्य छात्रों ने सुबह नारेबाजी की। वे प्रथम वर्ष वाणिज्य और विज्ञान में सीट बढ़ाने का ज्ञापन देने प्राचार्य कक्ष में पहुंचे। काफी देर इंतजार करने के बाद भी प्राचार्य अथवा उपाचार्य कक्ष में नहीं पहुंचे। इससे छात्रों में नाराजगी बढ़ गई। इसी दौरान उनकी कक्ष में मौजूद कर्मचारी से बहस हो गई। कर्मचारी के कथित तौर पर कमरे से बाहर निकलने की बात कहने पर छात्र भड़क गए।
कुर्सी उठाई, कमरे को बंद करने का प्रयास
नाराज छात्रों ने प्राचार्य की कुर्सी उठा ली। वहां मौजूद अन्य कार्मिकों और छात्रों ने बीच-बचाव किया। इसके बाद छात्रों ने प्राचार्य कक्ष को बंद करने का प्रयास किया। इससे माहौल थोड़ा तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलते ही कॉलेज के कई शिक्षक मौके पर पहुंच गए। इसी दौरान क्लाक टावर पुलिसकर्मियों ने छात्रों को खदेडऩा शुरू कर दिया। छात्रों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस महानगर मंत्री मेहुल गर्ग, दयानंद कॉलेज इकाई अध्यक्ष विशाल सिंह रावत और आशूराम डूकिया को पकड़कर थाने ले गई। दोपहर में उन्हें छोड़ दिया गया। घटना के बाद कॉलेज में काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल रहा।
आपको क्यों दें ज्ञापन?
कुछ पुलिसकर्मियों ने विद्यार्थी परिषद के छात्रों से प्राचार्य का नाम ज्ञापन उन्हें देने को कहा। इस पर महानगर मंत्री गर्ग ने कहा कि प्राचार्य लम्बे अर्से से नियमित कॉलेज नहीं आ रहे। उपाचार्य भी नहीं मिलते हैं। ना आप कॉलेज में कार्यरत हैं, ना की समस्याओं का समाधन नहीं करा सकते हैं। ऐसे में हम आपको ज्ञापन नहीं दे सकते।