आवंटन निरस्त करने के लिए थमाए नोटिस, 15 दिन में देना होगा जवाब
अजमेर. वर्षों पहले अजमेर विकास प्राधिकरण (ada) से ट्रांसपोर्ट नगर( transport nagar) में कौडि़यों के भाव भूखंड लेने और इस पर निर्माण नहीं करने के मामले में प्राधिकरण ने शहर के ट्रांसपोर्ट कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। प्राधिकरण उपायुक्त (दक्षिण) ने 144 ट्रांसपोर्ट कारोबारियों को नोटिस जारी कर आवंटन निरस्त करने की चेतावनी देते हुए 15 दिन में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।
भूखंड आवंटन की शर्तों के अनुसार आवंटन के 3 से 5 वर्षों के बीच निर्माण करना आवश्यक है। लेकिन कई ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने निर्धारित अवधि गुजरने के बाद भी निर्माण नहीं किया है। शहर के 111 ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने बीस वर्ष पूर्व एडीए से रिजर्व प्राइज पर भूमि आवंटित करवा ली थी। कई करोबारियों को नीलामी के जरिए भी भूखंड बेचे गए। करीब पांच साल पूर्व इन्हें पट्टे सहित अन्य सुविधा भी उपलब्ध करवा दी गई। वहीं 30-35 करोबारियों ने अपने गोदाम भी बना लिए लेकिन वे पड़ाव व केसरगंज, ब्लू कैसल का एरिया छोड़ ट्रांसपोर्ट नगर में शिफ्ट नहीं हुए। कारोबारी पुरानी जगह छोडऩे को तैयार नहीं हैं।
प्रशासन भी हुआ सख्त
ट्रांसपोर्ट कारोबारियों को ट्रांसपोर्ट नगर में शिफ्ट करने को लेकर प्रशासन कई बार मोहलत दे चुका है लेकिन करोबारी ट्रांसपोर्ट नगर में शिफ्ट नहीं हुए। पिछले महीने टीएमसी की बैठक के बाद 15 अगस्त से शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर 24 घंटे की रोक लगाने के साथ ही आरटीओ अधिकारियों के भी ड्यूटी लगाई गई थी ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों के ट्रक चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। इसके बावजूद करोबारी अभी तक ट्रांसपोर्ट नगर में शिफ्ट नहीं हुए।
लोगों को करना पड़ता है परेशानी का सामना
वर्तमान में अवैध रूप से ट्रांसपोर्ट नगर पड़ाव, केसरगंज, ब्लू कैसल व आसपास के एरिए में चल रहा है। यह शहर का आवासीय क्षेत्र है। यहां ट्रांसपोर्ट नगर संचालित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सडक़े दोनों ओर अवैध रूप से ट्रक, टैम्पो, पिकअप वाहन खड़े होते हैं। दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। कई बार ट्रकों के जरिए दुर्घटना भी हो चुकी है।
एसीबी में चल रहा है मामला
ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रांसपोर्ट करोबारियों को भूमि आवंटन मामले की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कर रहा है। आरोप है कि 19 ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने पात्र नहीं होने के बावजूद अवैध रूप से भूखंड हासिल कर लिए है। वहीं दो करोबारियों ने एक से अधिक भूखंड आवंटित करवा लिए हैं।