अजमेर

लोहागल में एडीए की आवासीय योजना को लगेंगे पंख

-आमजन को मिल सकेंगे आवास के लिए 500 भूखंड -मिलेंगी उद्यान, खेल मैदान, वाणिज्यिक सुविधाएं दिलीप शर्मा अजमेर. अजमेर विकास प्राधिकरण की बहुप्रतीक्षित लोहागल ग्राम में प्रस्तावित नव आवासीय योजना की कवायद तेज हो गई है। आठ अगस्त को होने वाली प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में इस पर मुहर लग सकती है। एडीए इसे राजस्थान रीयल […]

2 min read
Aug 03, 2024
ada ajmer

-आमजन को मिल सकेंगे आवास के लिए 500 भूखंड

-मिलेंगी उद्यान, खेल मैदान, वाणिज्यिक सुविधाएं

दिलीप शर्मा

अजमेर. अजमेर विकास प्राधिकरण की बहुप्रतीक्षित लोहागल ग्राम में प्रस्तावित नव आवासीय योजना की कवायद तेज हो गई है। आठ अगस्त को होने वाली प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में इस पर मुहर लग सकती है। एडीए इसे राजस्थान रीयल एस्टेट रैग्युलेटरी ऑथरिटी (रेरा) में पंजीकृत कराएगा। इसके बाद लॉटरी प्रक्रिया शुरू होना संभव है।

आवेदकों को मिलेगा फायदा, सालों नहीं करना पड़ेगा इंतजार

सरकार ने अब सरकारी व गैर सरकारी सभी टाउन शिप विकसित करने से पहले रेरा में पंजीयन कराना अनिवार्य कर दिया है। रेरा में पंजीयन का फायदा उन सैंकड़ों आवेदकों को मिलेगा जो यहां अपना आशियाना बनाना चाहते हैं। पंजीयन के बाद मूलभूत सुविधाएं तीन साल के भीतर उपलब्ध कराना होगा ताकि कॉलोनी जल्द विकसित हो सके। खास बात है कि आवेदनों से आने वाली राशि भी इसी योजना के विकास में खर्च होगी।

500 से अधिक भूखंडों में व्यावसायिक व आवासीय भूखंड

एडीए लोहागल आवासीय योजना का नामकरण भी आठ अगस्त को होने वाली बोर्ड की बैठक में हो सकता है। यह झलकारी बाई स्मारक के सामने वाले भाग से लेकर गणेश गवाड़ी क्षेत्र तक बनाई जानी प्रस्तावित है। इसमें व्यावसायिक भूखंड, फेसिलेटिंग एरिया, पार्क, आवासीय भूखंड तथा रेरा में पंजीयन के कारण दो प्रतिशत एलआईजी के आर्थिक पिछड़े लोगों केे लिए भी आरक्षित रखने होंगे।

कई योजनाएं 15 साल से नहीं हुई विकसित

गौरतलब है कि पृथ्वीराज नगर व विजयाराजे नगर जैसी आवासीय योजनाओं जैसा हाल अब नहीं होगा। यह योजनाएं 10 से 15 साल में भी विकसित नहीं हो पाईं हैं। रेरा में पंजीयन के बाद अब एडीए को भी लॉटरी निकालने से पहले मूलभूत सुविधाएं सीवरेज, उच्च जलाशय, सड़क, पानी बिजली जैसी सुविधाएं मुहैया करानी होंगी।

कुंटूर सर्वे रिपोर्ट अनुसार एस्टीमेट तय होने के बाद दरें होंगी तय

एडीए कुटुर सर्वे में यह देखेगा कि इसमें पहाड़, मैदान या गहराई वाले भाग कितने हैं। इसे समतल करने के लिए आने वाले व्यय व सुविधाओं पर खर्च आदि के आधार पर दरें तय होंगी।

आंकड़ाें की जुबानी (अनुमानित)

75 प्रतिशत- लॉटरी व भूमि के बदले भूमि (यदि कोई खातेदारी की है)

25 प्रतिशत - नीलामीआवासीय भूखंडों का विवरण (विक्रय योग)

54 प्रतिशत - आवासीय

6 प्रतिशत - व्यावसायिक

2 प्रतिशत - एलआईजी आर्थिक पिछड़े वर्ग में आरक्षित

Published on:
03 Aug 2024 11:50 pm
Also Read
View All

अगली खबर