अजमेर

दर्दनाक हादसे के बाद उड़ी नींद, अब रखेंगे बस और ट्रक की स्पीड पर नजर

इसमें सामने आया कि राजमार्ग पर तेज रफ्तार में दौडऩे वाली रोडवेज व प्राइवेट बसों के चालान नगण्य है।

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Jul 11, 2018
roadways bus accident

अजमेर

तबीजी दुखांतिका के बाद अब राजमार्ग पर दौडऩे वाली बस और ट्रकों की गति पर अंकुश लगाने की कवायद तेज हो गई है। पुलिस कप्तान राजेन्द्र सिंह ने यातायात पुलिस को राजमार्ग पर गति सीमा से अधिक रफ्तार से चलने वाले ट्रक-बस के चालक के खिलाफ पर कार्रवाई के आदेश दिए है, ताकि संभावित दुर्घटनाओं पर रोक लगाया जा सके।

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पुलिस पड़ताल में सामने आया कि रविवार को हुए दर्दनाक हादसे का एक कारण रोडवेज बस की ओवर स्पीड भी थी। एसपी सिंह ने तबीजी दुखांतिका के बाद अजमेर, किशनगढ़ व ब्यावर से गुजरने वाले राजमार्ग पर तैनात इन्टरसेप्टर वाहनों के एक सप्ताह के चालान के रिव्यू किए। इसमें सामने आया कि राजमार्ग पर तेज रफ्तार में दौडऩे वाली रोडवेज व प्राइवेट बसों के चालान नगण्य है।

इसके चलते बस चालक राजमार्ग पर गति सीमा से अधिक रफ्तार में वाहन दौड़ाते है जिससे राजमार्ग पर आने वाले चौराहा, तिराहे, पुलिया पर हमेशा हादसे का अंदेशा बना रहता है। एसपी सिंह ने आगामी एक सप्ताह तक इंटरसेप्टर में तैनात अधिकारियों को विशेषतौर से ओवर स्पीड व रॉन्ग साइड चलने वाली बसों व ट्रकों के चालान की कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

ये हैं प्रमुक दुर्घटनास्थल

पुलिस की जांच में सामने आया कि किशनगढ़-ब्यावर राजमार्ग के बीच अधिकांशत: अशोक उद्यान पुलिया के दोनों ओर, नारेली पुलिया, परबतपुरा बाइपास चरनाल पेट्रोल पम्प, तबीजी तिराहा व पुलिया, खरवा पुलिया के निकट हादसेकारित होते है। इसमें रोडवेज और प्राइवेट लम्बी दूरी की बस की संख्या अधिक होती है।

रोडवेज चालकों को भी हिदायत

जिला पुलिस ने रोडवेज प्रशासन को भी पत्र लिखकर चालक-परिचालक को सुरक्षा की दृष्टि से राजमार्ग पर गति सीमा के अन्दर वाहनों का संचालन करने के लिए लिखा है। यात्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गलत दिशा में ओवरटेक न करने और यातायात नियमों का पालन करते हुए बसों का संचालन करने की अपील की गई है।

तबीजी दुखांतिकाा के तीन कारण
1. ओवर टेक : रोडवेज बस तीन लेन के राजमार्ग पर पहली लेन में चल रही थी। चालक उससे आगे पहली और दूसरी लेन में चल रहे ट्रक को ओवरटेक करने के लिए पहली से सीधे तीसरी लेन पर पहुंच गया। तीसरी लेन में सामने से डम्पर नजर आने के बाद भी रोडवेज बस निकालने की कोशिश। इसमें चालक की तरफ का हिस्सा तो बच गया लेकिन परिचालक की तरफ का हिस्सा तेजगति में डम्पर से टकराते हुए निकला। इससे डम्पर एक तरफ से बस का हिस्सा चीरता हुआ चला गया।

2. ओवर स्पीड :

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि रोडवेज बस की रफ्तार भी ज्यादा थी। यही कारण रहा कि टक्कर के बाद बस का एक तरफ का हिस्सा पीछे तक खत्म हो गया। यही नहीं बस की सीटें उधड़ गई। सवार यात्रियों के सिर, हाथ और पैर तक कट कर लटक गए।
3. रॉन्ग साइड :

पालरा के ठेकेदार फर्म का डम्पर चालक अपना पांच किमी का फेरा बचाने के चक्कर में गलत दिशा में आ रहा था जिससे हादसाकारित हुआ। दुर्घटना के बाद बस और डम्पर के चालक फरार हो गए।

तबीजी दुर्घटना में प्रमुख रूप से गलत दिशा में वाहन चलाने, ओवर स्पीड और गलत ओवर टेक के चलते हादसा पेश आया। अब राजमार्ग पर चलने वाली बस-ट्रकों की स्पीड पर अंकुश लगाने के आदेश दिए है।
-राजेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक

आरटीओ व पुलिस को पत्र लिखा

रविवार को हुई दुर्घटना से सबक लेते जिला प्रशासन ने आरटीओ तथा पुलिस विभाग को रांग साइड चलने वाले वाहनों, ओवर लोड वाहनों तथा बिना फिटनेस चल रहे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। जिला कलक्टर ने व्यवस्थाओं में सुधार के लिए डीएफसीसी को भी पत्र लिखा है।

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Published on:
11 Jul 2018 10:45 am
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