अजमेर

बोले वकील…सरकार से मिला नहीं कुछ, बेवजह किया हमें इतने दिन परेशान

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Feb 27, 2019
advocates agitation
advocates agitation

अजमेर.

न्यायिक अधिकारियों की भर्ती में वकील कोटा कम करने के विरोध स्वरूप जारी हड़ताल को एकाएक स्थगित किए जाने पर प्रदेश के अधिवक्ताओं ने नाराजगी जताई है। उन्होंने महज आश्वासन पर हड़ताल समाप्त करने को समझ से परे बताया है।

जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजेश टंडन ने बताया कि न्यायिक अधिकारियों की भर्ती में वकील कोटा कम करने के विरोध में पिछले 18 से 20 दिन तक वकील हड़ताल पर रहे। प्रदेश भर की अदालतों में कामकाज नहीं हो सका। मुकदमों की सुनवाई टलने के अलावा सामान्य कार्य प्रभावित हुआ। अधिवक्ताओं ने अनशन पर बैठने के अलावा टायर और पुतले फूंकने का काम किया।

बनाएंगे कमेटी?
पिछले दिनों प्रदेश के चुनिंदा अधिवक्ताओं ने विधि, संसदीय मामलात और स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल और मुख्य सचेतक डॉ. महेश जोशी से वार्ता की। इसमें धारीवाल ने कहा कि अधिवक्ताओं ने एडीजे भर्ती में अधिवक्ताओं का कोटा पूर्ववत 50 प्रतिशत रखने, ट्रिब्यूनल, कमीशन, आरबीट्रेशन में वकीलों की नियुक्ति, स्टाइपेंड और अक्षम-वृद्ध वकीलों को पेंशन जैसे मुद्दे रखे हैं। इनके लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रमुख विधि सचिव से बातचीत होगी। अधिवक्ताओं की कमेटी भी बनाई जाएगी।

क्यूं खत्म हुई हड़ताल

टंडन ने कहा कि कुछ चुनिंदा अधिवक्ताओं ने मंत्रियों के आश्वासन पर एकाएक आंदोलन को खत्म करने की घोषणा कर दी। प्रदेश भर में हड़ताल, धरने-प्रदर्शन करने के बावजूद अधिवक्ताओं को कुछ हासिल नहीं हुआ। कुछ लोगों ने राजनौतिक फायदे के लिए यह आंदोलन चलाया। व्यापक रायशुमारी लिए बिना आंदोलन स्थगित करना समझ से परे है। जबकि अधिवक्ताओं की मांगें यथावत हैं।

Published on:
27 Feb 2019 08:16 am