बैंक प्रबंधन की आंतरिक जांच पूरी, रिपोर्ट तैयार
अजमेर. बैंक ऑफ इंडिया की अजय नगर ब्रांच के गोल्ड लोन के मामले में बैंक प्रबंधन ने जांच पूरी कर ली। जिन ग्राहकों के गहनों में खामी मिली हैं उन सहित वैल्यूअर के खिलाफ रिपोर्ट तैयार की गई है। बैंक अधिकारी मंगलवार को रामगंज थाने में अलग-अलग रिपोर्ट लेकर पहुंचे। जहां उन्हें एक ही शिकायत बनाकर लाने को कहा गया। इसके बाद देर रात तक बैंक अधिकारी-कर्मचारी शिकायत तैयार करते रहे। उधर बैंक ने वैल्यूअर महादेव ज्वैलर्स को हटा दिया।
ऐसे हुआ घोटाला
बैंक के वैल्यूअर ने करीब 14 ग्राहकों के गहनों की कीमत में हेरफेर कर नकली सोने के गहनों ंको भी असली बताकर बैंक लोन के लिए एप्रूव कर दिया था। की ग्राहकों ने पूर्व को ऋण को दोबारा रिन्यू करा लिया। इसके चलते मामला काफी समय तक दबा रहा। उधर, मामला खुलने के बाद बैंक प्रबंधन ने वैल्यूअर सहित नकली गहनों वाले सभी ग्राहकों के खिलाफ रिपोर्ट तैयार कर ली। इनमें से एक महिला भी है। लोन दी गई राशि करीब 2.90 करोड़ रुपए है।
बैंक के अंदर-बाहर ताले
गोल्ड लोन में फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद बैंक में इन दिनों लेन-देन समय के बाद बाहरी लोगों का प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया गया है। बैंक के अंदर से चैनल गेट पर ताला लगा दिया। इस संबंध में बैंक मैनेजर मनोज आलमचंदानी से सम्पर्क किया लेकिन वे उपलब्ध नहीं हुए।
करोड़ों का है लोन का बाजार
बैंक ऑफ इंडिया में गोल्ड लोन में गहनों की जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद शहर के गोल्ड लोन सैक्टर में हलचल है। शहर में तकरीबन प्रत्येक बैंक और निजी ऋण कंपनियों की ओर से गोल्ड लोन दिया जा रहा है। इनमें कंपनियां बाहरी वैल्यूअर से ही गहनों की जांच कराती हैं। जिसके द्वारा ज्वैलरी के घोषित मूल्य के आधार पर बैंक द्वारा ऋण स्वीकृत किया जाता है।