
आरपीएससी का निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा, पत्रिका फाइल फोटो
RPSC Paper Leak Case: राजस्थान प्राध्यापक कृषि विज्ञान भर्ती-2022 परीक्षा भी पेपर लीक खुलासे के बाद अब सब इंस्पेक्टर भर्ती-2021 की राह चल पड़ी है। एक के बाद एक पेपर लीक मामले से राजस्थान लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षा और चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच में खुलासा हुआ कि प्राध्यापक कृषि विज्ञान भर्ती परीक्षा का पेपर भी आयोग के निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा ने 60 लाख रुपए में बेचा था। इस मामले में एसओजी ने उसे गिरफ्तार किया है। पूर्व में साल 2023 में एसओजी ने वरिष्ठ अध्यापक भर्ती-2022 के पेपर लीक मामले में भी कटारा सहित अन्य को गिरफ्तार किया था।
गौरतलब है कि 54 पदों के लिए आयोग ने प्राध्यापक कृषि विज्ञान भर्ती-2022 का आयोजन 11 अक्टूबर 2022 को किया था। सुबह की पारी सामान्य ज्ञान और दोपहर में कृषि विज्ञान का पेपर हुआ था। आयोग ने पात्रता जांच के लिए विचारित सूची 14 जुलाई 2023 को जारी की थी। इसमें 101 अभ्यर्थियों को पात्रता जांच सूची में शामिल किया गया था। मुख्य सूची उसी साल 13 दिसम्बर को जारी की गई। इसमें 50 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया था। पांच अभ्यर्थियों के परिणाम रोके गए थे।
प्राध्यापक कृषि विज्ञान भर्ती-2022 में चयनित कुछ अभ्यर्थियों ने चूरू की ओपीजीएस विश्वविद्यालय से बैक-डेट में मार्कशीट पेश कर नौकरी हासिल की थी। शिकायत पर एसओजी ने जांच की थी। अब एसओजी आयोग से आवश्यक रेकार्ड मांगने के अलावा जांच का दायरा बढ़ा सकती है।
निलंबित सदस्य कटारा ने किया खुलासा
आरपीएससी के निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा ने पूछताछ में 60 लाख रुपए में प्राध्यापक कृषि विज्ञान भर्ती परीक्षा-2022 का पेपर बेचने की बात स्वीकार की है। ऐसे में अब भर्ती की पूरी चयन प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। एसओजी अब भर्ती परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच में जुट गई है।
प्राध्यापक कृषि विज्ञान पेपर लीक मामला सामने आया है। पूरे प्रोसेस को चेक किया जाएगा। अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
रामनिवास मेहता, सचिव, आरपीएससी
Published on:
12 May 2026 08:37 am
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