Lake Beautification: अजमेर को मिलेगी नई पहचान: चौरसियावास तालाब बनेगा शहर का नया पर्यटन हॉटस्पॉट। 5 करोड़ की लागत से संवरेगा चौरसियावास तालाब, बोटिंग और वॉक-वे की भी तैयारी।
Lake Development: अजमेर. अजमेर शहर को झीलों की नगरी के रूप में नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। शहर की तीसरी सबसे बड़ी झील चौरसियावास तालाब के समग्र विकास और सौन्दर्यीकरण का रोडमैप तैयार कर लिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने गुरुवार को तालाब क्षेत्र का निरीक्षण कर प्रस्तावित विकास कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों को जल्द कार्ययोजना तैयार कर काम शुरू करने के निर्देश दिए।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आनासागर और वरुण सागर की तरह अब चौरसियावास तालाब को भी आधुनिक सुविधाओं से विकसित किया जाएगा, ताकि यह शहरवासियों और पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बन सके। लगभग 5 करोड़ रुपए की लागत से तालाब क्षेत्र में सौन्दर्यीकरण, आकर्षक लाइटिंग, गार्डन, वॉक-वे और पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तालाब की चारदीवारी को मजबूत और व्यवस्थित किया जाए तथा आसपास हुए अतिक्रमणों को सख्ती से हटाया जाए। साथ ही झील के भराव क्षेत्र की स्पष्ट सीमा तय कर उसे संरक्षित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि भविष्य में जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखा जा सके।
देवनानी ने कहा कि तालाब को इस तरह विकसित किया जाए कि शहर और बाहर से आने वाले लोगों को आनासागर और वरुण सागर के बाद घूमने के लिए एक और खूबसूरत विकल्प मिल सके। इसके लिए तालाब की सफाई और गहरीकरण का कार्य भी किया जाएगा, जिससे भविष्य में यहां बोटिंग जैसी गतिविधियां शुरू की जा सकें।
विकास योजना में डेकोरेटिव लाइटिंग, जेट फाउंटेन, आकर्षक गार्डन, वॉक-वे और छोटा कैफेटेरिया विकसित करने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके अलावा पानी की आवक और निकास के रास्तों को भी व्यवस्थित किया जाएगा, ताकि जलभराव और संरक्षण दोनों को बेहतर बनाया जा सके।
अजमेर विकास प्राधिकरण (एडीए) द्वारा चौरसियावास तालाब के जीर्णोद्धार और सौन्दर्यीकरण के लिए राशि स्वीकृत कर दी गई है। विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि आमजन को जल्द इसका लाभ मिल सके। माना जा रहा है कि यह परियोजना पूरी होने के बाद अजमेर की पहचान एक बार फिर “झीलों की नगरी” के रूप में और मजबूत होगी।