
-रक्तिम तिवारी
Ajmer Dargah AI Surveillance: अजमेर: अढ़ाई दिन का झोपड़ा, तारागढ़ संपर्क सड़क और इसके आसपास के इलाके को अभय कमांड सेंटर से जोड़ने की जरूरत है। दरगाह संपर्क सड़क पर स्थायी पुलिस चौकी बन चुकी है। तीसरी आंख की निगरानी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से यहां चोरी-छिपे मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध वस्तुओं की खरीद-फरोख्त और अन्य गतिविधियों पर रोक लग सकेगी।
शहर में हत्या, लूट, मारपीट और दुर्घटना सहित अन्य वारदातों पर नजर रखने के लिए कलक्ट्रेट स्थित राजीव गांधी भवन में अभय कमांड सेंटर बनाया गया है। शहर में 3 हजार से ज्यादा कैमरे कमांड सेंटर से जोड़े गए हैं। पुलिसकर्मी एलईडी स्क्रीन पर शहर के अंदरूनी और आसपास के इलाकों में कैमरों के जरिए प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखते हैं।
अजमेर में अढ़ाई दिन का झोपड़ा, तारागढ़ संपर्क सड़क, जालियान कब्रिस्तान, आमाबाव सहित नागफणी शहर के सघन इलाकों में शामिल हैं। बीते 30 साल में अरावली पर्वत पर अवैध मकान और झुग्गी-झोंपड़ियां बनाकर बड़े पैमाने पर कब्जे हुए हैं। पिछले साल वन विभाग और प्रशासन ने बड़े पीर की दरगाह, मीठा नीम और तारागढ़ के निकट 213 दुकानें और झोपड़ियां हटाई थीं।
दरगाह के त्रिपोलिया गेट तक सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। घने इलाके अभय कमांड सेंटर के सीसीटीवी कैमरों की निगरानी से दूर हैं। यहां हाईटेक निगरानी सिस्टम नहीं है। अवैध जुआ-सट्टा, मादक पदार्थों की तस्करी, जड़ी-बूटियों, नगीने सहित अन्य गतिविधियां जारी हैं।