अजमेर

Ajmer News: 11 लाख के लोन के बदले 1 करोड़ से अधिक वसूली का आरोप, पूर्व सरपंच समेत गिरोह पर मुकदमे का आदेश

Ajmer News: अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय किशनगढ़ ने 11 लाख रुपए के लोन के बदले एक करोड़ रुपए से अधिक की वसूली के मामले में पूर्व सरपंच गोविंद सिंह डोबर समेत उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच करने के आदेश पुलिस को दिए हैं।
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Updated: 23 May 2026, 11:51 AM IST
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फाइल फोटो पत्रिका

मदनगंज-किशनगढ़। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय किशनगढ़ ने 11 लाख रुपए के लोन के बदले एक करोड़ रुपए से अधिक की वसूली, धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और चेक के दुरुपयोग के मामले में पूर्व सरपंच गोविंद सिंह डोबर, कथित एक कंपनी से जुड़े बन्ना और उनके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच करने के आदेश किशनगढ़ थाना पुलिस को दिए हैं। परिवादी विक्रम सिंह राजपुरोहित निवासी ग्राम बीती ने अधिवक्ता रूपेश शर्मा के माध्यम से न्यायालय में परिवाद पेश कर बताया कि वह वर्तमान में कार्यालय मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अरांई में लेखाधिकारी प्रथम के पद पर कार्यरत हैं। वर्ष 2017 में उनकी पोस्टिंग उप कोषालय कोर्ट किशनगढ़ में थी, जहां उनकी पहचान आरोपी गोविंद सिंह डोबर से हुई।

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वर्ष 2021 में गांव में कुलदेवता मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के लिए रुपयों की आवश्यकता होने पर आरोपी गोविंद सिंह डोबर ने एक कंपनी से ब्याज पर लोन दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद अगस्त 2021 में परिवादी को तीन किश्तों में कुल 11 लाख रुपए दिलवाए गए। इसके एवज में प्रतिमाह 52 हजार रुपए ब्याज तय किया गया, इसे बाद में बढ़ाकर 81 हजार रुपए प्रतिमाह कर दिया गया।

परिवादी का आरोप है कि वह लगातार ब्याज राशि आरोपी और उसके बताए खातों में ऑनलाइन और नकद जमा करवाता रहा। बाद में 30 अगस्त 2023 को उसने अपनी पत्नी के नाम का मकान गिरवी रखकर मूल राशि 11 लाख रुपए भी चुका दिए, लेकिन इसके बावजूद आरोपी पक्ष ने कथित “चक्रवाती ब्याज” और “पेनल्टी” के नाम पर वसूली जारी रखी। परिवादी ने बताया कि आरोपीगण लगातार धमकियां देते रहे कि किश्त बंद करने या राजस्थान पुलिस में शिकायत करने पर गिरफ्तारी करवा दी जाएगी और परिवार और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाएगा।

इससे परिवादी मानसिक तनाव में आ गया और रुपए देता रहा। आरोप है कि आरोपीगण ने उससे एक करोड़ रुपए से अधिक राशि वसूल ली। परिवादी ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी गोविंद सिंह डोबर के पास सुरक्षा के नाम पर लिए गए 17 खाली चेक और एक स्टाम्प मौजूद हैं।

इनमें से दो चेकों का दुरुपयोग कर अन्य व्यक्ति ललित किशोर के खाते में लगाकर फर्जी तरीके से विधिक नोटिस भिजवाए गए और ब्लैकमेल किया गया। परिवाद में यह भी उल्लेख किया गया कि आरोपी पक्ष कभी कॉन्फ्रेंस कॉल पर धमकियां देता था तो कभी किसी महिला से कॉल करवाकर उसे दक्षिण भारत की अधिकारी बताया जाता था। परिवादी ने बातचीत की रिकॉर्डिंग भी अपने पास होना बताया है।

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23 May 2026, 11:51 AM IST
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