अजमेर

Rajasthan Police : बजरी माफिया को ‘एस्कॉर्ट’ कर रही थी पुलिस- दो कांस्टेबल सस्पेंड, जानें कैसे फलफूल रहा था अवैध कनेक्शन?

अजमेर में बजरी माफिया से मिलीभगत के आरोप में 2 कांस्टेबल सस्पेंड, ERV 112 का चालक हटाया। नागौर से आ रहे डंपरों को एस्कॉर्ट करने का आरोप, जांच शुरू।

3 min read
Jun 22, 2026
Ajmer Police Constables Suspended Bajri Mafia Escort Connection Latest Updates
AI Image

राजस्थान से भ्रष्टाचार और पुलिस-माफिया साठ-गांठ की चौंकाने वाली खबर सामने आई है। अजमेर रेंज के महानिरीक्षक (IG) राजेंद्र सिंह को लगातार मिल रही गोपनीय शिकायतों के आधार पर कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक ऊषा यादव ने त्‍वरित एक्शन लेते हुए दो पुलिस थानों के सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया है। इस कार्रवाई के तहत हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाने के कांस्टेबल राजेंद्र चौधरी और पुष्कर थाने के कांस्टेबल रामदेव चौधरी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है। इसके अलावा, पुष्कर थाने में तैनात आपातकालीन रिस्पॉन्स वाहन (ERV 112) के चालक को भी अपनी जिम्मेदारियों में घोर लापरवाही और माफिया से संपर्क के आरोप में सेवा से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है। इन तीनों पर रात के अंधेरे में सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर बजरी माफिया को सुरक्षित रास्ता देने का गंभीर आरोप है।

नागौर से शुरू होता था खेल, थानों के सामने से गुजरते थे डंपर

पुलिस की प्रारंभिक जांच और खुफिया विंग की रिपोर्ट में इस बात का सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि नागौर जिले के आलनियावास और मेड़ता क्षेत्र से निकलने वाले अवैध बजरी के ओवरलोडेड डंपरों को अजमेर और पुष्कर के रास्तों से सुरक्षित निकालने के लिए बकायदा एक संगठित सिस्टम काम कर रहा था। इस पूरे सिंडिकेट में इन पुलिसकर्मियों की भूमिका डंपर मालिकों के लिए एक 'सुरक्षा कवच' की तरह थी।

जांच में सामने आई पूरी कार्यप्रणाली इस प्रकार है:

रूट की जिम्मेदारी: नागौर सीमा से अवैध बजरी लेकर आने वाले डंपरों को रात की गश्त और नाकाबंदी के दौरान पुष्कर थाना क्षेत्र के विभिन्न नाकों के सामने से निर्बाध रूप से निकालकर पुष्कर घाटी तक सुरक्षित पहुंचाने का पूरा जिम्मा पुष्कर थाने के कांस्टेबल रामदेव चौधरी पर था।

बॉर्डर पार कराने का जिम्मा: जैसे ही डंपर पुष्कर घाटी को पार करते थे, वहां से आगे हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाने की सीमा शुरू हो जाती थी। इसके बाद की कमान कांस्टेबल राजेंद्र चौधरी संभालता था, जो डंपरों को अपने थाने के क्षेत्र से पूरी तरह बाहर सुरक्षित निकाल देता था।

ERV 112 की मुखबिरी: इस पूरे खेल में पुष्कर थाने की आपातकालीन सेवा गाड़ी ERV 112 का चालक भी बराबर का भागीदार था। वह सरकारी गाड़ी की मूवमेंट और सीनियर अधिकारियों के औचक निरीक्षण की पल-पल की लोकेशन बजरी माफियाओं तक पहुंचाता था।

IG का आदेश, SP का एक्शन, ASP को जांच

File PIC

इस अवैध परिवहन और खाकी की मिलीभगत की पुख्ता शिकायत जब अजमेर रेंज के आईजी राजेंद्र सिंह के पास पहुंची, तो उन्होंने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। उनके कड़े रुख के बाद कार्यवाहक एसपी ऊषा यादव ने दोनों कांस्टेबलों के निलंबन के आदेश जारी किए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी आगामी और विस्तृत जांच का जिम्मा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) गुरुशरण को सौंपा गया है। कार्यवाहक एसपी ऊषा यादव ने मीडिया से बात करते हुए दोटूक शब्दों में कहा कि प्रारंभिक जांच में दोनों कांस्टेबलों की अवैध बजरी परिवहन में प्रत्यक्ष लिप्तता और माफिया के साथ वित्तीय साठ-गांठ की बात प्रमाणित हुई है। विभाग में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार और अपराधियों से सांठगांठ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पुलिस महकमे में मची भारी खलबली

अजमेर पुलिस द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई के बाद से ही जिले के अन्य थानों और चौकियों में तैनात पुलिसकर्मियों के बीच भारी हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि एएसपी गुरुशरण द्वारा की जा रही इस उच्च स्तरीय जांच के दौरान कई मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और व्हाट्सएप चैट को खंगाला जा रहा है।

माना जा रहा है कि लंबे समय से चल रहे इस अवैध कारोबार की जड़ें काफी गहरी हैं। केवल दो कांस्टेबल इतने बड़े स्तर पर रोजाना दर्जनों ओवरलोडेड डंपरों को थानों के सामने से सुरक्षित पार नहीं करवा सकते। जांच अधिकारियों को अंदेशा है कि इस सिंडिकेट में कुछ अन्य थानों के स्टाफ, चौकियों के प्रभारी और परिवहन विभाग के स्थानीय कारिंदे भी शामिल हो सकते हैं। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर कुछ और पुलिसकर्मियों पर निलंबन या लाइन हाजिर की गाज गिरना लगभग तय माना जा रहा है।

Updated on:
22 Jun 2026 03:13 pm
Published on:
22 Jun 2026 03:01 pm