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अजमेर.
अक्सर लोग खुद को बेहद व्यस्त बताते हुए कहीं आने-जाने से कतराते हैं। लेकिन मन में सेवा करने को जज्बा हो तो व्यस्तता,मजहब और दूरियां मायने नहीं रखतीं। पश्चिम बंगाल के हावड़ा शहर से आए ख्वाजा गरीब नवाज हेल्थ केयर एन्ड वेलफेयर सोसायटी के टीम को देखकर तो आपको कुछ ऐसा ही एहसास होगा। इसमें डॉक्टर, इंजीनियर, सरकारी अफसर, व्यापारी और छात्र शामिल हैं। चालीस सदस्यों का दल दिन-रात कायड़ विश्राम स्थली और दरगाह क्षेत्र में यादगार के पास जायरीन की सेहत संभाले हुए है।
कायड़ विश्राम स्थली पर बीमार जायरीन का चेकअप कर रहे डॉ. अकबर ने बताया कि सोसायटी का हावड़ा में मुख्य कार्यालय है। सचिव बदरुजमां अंसारी के साथ डॉ. रजब अली, डॉ. मुक्तदा, डॉ. लकी, डॉ. नसीब अंसारी सहित अन्य लोगों की टीम ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की उर्स में आई है।
सेवा करना उनका मकसद
गरीब नवाज के उर्स में आने वाले जायरीन की नि:शुल्क सेवा करना उनका एकमात्र मकसद है। यहां शुगर टेस्ट, ब्लड प्रेशर चेकअप, श्वास रोगियों के लिए नेबुलाइजर की व्यवस्था की गई है। जायरीन के लिए खांसी, सर्दी-जुखाम, बुखार, पेट दर्द जैसी बीमारियां की दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
छठ और दुर्गा पूजा में भी सेवाएं
डॉ. अली ने बताया कि ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के उर्स के बाद वे हावड़ा वापस लौट जाते हैं। वहां सालभर तक सोसायटी की मेडिकल सेवाएं जारी रहती हैं। खासतौर पर बंगाल में दुर्गा पूजा उर्स जैसा ही बड़ा उत्सव होता है। इस दौरान भी सोसायटी कैंप लगाकर लोगों की सेवाएं करती हैं। इसके अलावा दिवाली के बाद छठ पूजन के दौरान भी मेडिकल चेकअप किया जाता है। अेाडिशा के धामनगर स्थित दरगाह, मोहर्रम, हिंदु धर्मावलंबियों के खास मेलों, महाकुंभ में भी जाते हैं। दल में डॉक्टर्स के अलावा इंजीनियर, सरकारी अफसर, व्यापारी, छात्र भी शामिल हैं। यह दस से पंद्रह दिन की छुट्टी लेकर लोगों को नि:शुल्क सेवाएं देते हैं।
कराते नेत्र रोगियों के ऑपरेशन
सोसायटी हावड़ा में प्रतिवर्ष नेत्र रोगियों के लिए बड़े शिविर लगाती है। दक्षिण भारत के प्रसिद्ध शंकर नेत्रालय में रोगियों के आंखों के ऑपरेशन कराए जाते हैं। सोसायटी के खुद के हॉस्पिटल भी संचालित हैं। बंगाल सहित अन्य प्रांतों के लोग यहां नि:शुल्क सेवाएं देने पहुंचते हैं।