अजमेर

Ajmer Urs 2019: सिर पर चादर लब पे दुआएं, चिश्तिया रंग में डूबा अजमेर

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Updated: 14 Mar 2019, 7:14 AM IST
garib nawaz urs 2019
garib nawaz urs 2019

अजमेर.

सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के 807वें उर्स में देश-विदेश से जायरीन की आवक का सिलसिला चल रहा है। इससे दरगाह क्षेत्र और कायड़ विश्राम स्थली पर जबरदस्त रौनक बनी हुई है।

उर्स में आने वाले जायरीन जत्थे के रूप में सिर चादर फैलाए, ढोल ढमाकों के साथ नाचते-गाते और ‘ख्वाजा का दामन नहीं छोड़ेंगे... ’ जैसे नारे लगाते हुए दरगाह पहुंच रहे हैं। गंज, देहली गेट, दरगाह बाजार, नला बाजार, अंदरकोट, लंगरखाना आदि गलियां जायरीन से अटी हुई है। दरगाह परिसर में भी चारों तरफ शहनाई और कव्वालियों का दौर चल रहा है। कोई जन्नती दरवाजे से गुजर कर जियारत करने की होड़ में शामिल है तो कोई बेगमी दालान की तरफ लगी कतार में खड़ा होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहा है। कोई धागा व खत बांधकर मन्नत मांग रहा है तो कोई चादर और फूल पेश कर। दरगाह में रविवार रात उर्स की तीसरी महफिल हुई और मजार शरीफ पर गुस्ल की रस्म अदा की गई। इस दौरान सूफियाना कलामों ने अकीदतमंद को झूमने पर मजबूर किया। देर रात तक दरगाह में कव्वालियों का दौर चलता रहा।

कव्वाली और नातिया मुशायरा

कायड़ विश्राम स्थली पर इस बार कव्वाली और नातिया मुशायरे का आयोजन भी हुआ। दरगाह कमेटी की ओर से इस बार यह कार्यक्रम रखा गया। दरगाह कमेटी सदर अमीन पठान ने बताया कि कव्वाली व नातिया मुशायरा का आयोजन हुआ। इसमें देश भर के कव्वाल और शायरों ने शिरकत की। इसके अलावा उर्स के मौके पर आने वाले विभिन्न दरगाहों के सज्जादानशीन का इस्तकबाल भी दरगाह कमेटी की ओर से किया गया।

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