मुजफ्फरनगर

कमाल का स्टार्ट अप-छोड़ा प्रॉपर्टी का कारोबार, बन गए चेन स्नेचर

सरगना व उसके तीन साथी चढ़े पुलिस के हत्थे। गुर्गों के पास कार, पिस्टल और बाइक बरामद।
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Updated: 11 Oct 2016, 8:47 AM IST
chain snatchers
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क्रिश्चियन गंज थाने का हिस्ट्रीशीटर हेमंत भाटी प्रॉपर्टी कारोबार में घाटा लगने पर अपने साथियों के साथ मिलकर डेढ़ साल तक शहर में चेन स्नेचिंग और लूट की वारदतें अंजाम देता रहा। ताबड़तोड़ वारदातों के बाद पुलिस जागी तो गिरोह का पर्दाफाश हो गया। हथियार के साथ गिरोह के एक गुर्गे के हत्थे चढ़ते ही सभी कडिय़ां खुलती चली गई। पुलिस ने गिरोह के सरगना और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधीक्षक नितिनदीप ब्लग्गन ने बताया कि क्रिश्चियनगंज थाना क्षेत्र में लगातार हो रही चेन स्नेचिंग की वारदातों को लेकर पुलिस उप अधीक्षक(उत्तर) राजेश मीणा के नेतृत्व में थानाप्रभारी विजेन्द्रसिंह, एसआई राजेश मीणा, स्पेशल टीम की संयुक्त टीम बनाई। खोजबीन में पुलिस को चेन स्नेचिंग की वारदात में हेमंत भाटी व उसके साथियों की लिप्तता सामने आई। मुखबिर ने सोमवार को हेमंत के साथी ईदगाह रोड फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी हेमंतसिंह सोढ़ा के पृथ्वीराजनगर योजना में पहाड़ी की तलहटी में मौजूद होने की जानकारी दी। स्पेशल टीम ने घेराबंदी कर हेमंत सिंह सोढ़ा को दबोच लिया। तलाशी में उससे एक देशी पिस्टल बरामद की।

कई वारदातें कबूल

पुलिस के हत्थे चढ़े हेमंत सोढ़ा ने पंचशील नगर ए ब्लॉक निवासी हेमंत भाटी, स्टीफन स्कूल के पास रहने वाले पवन धोबी व फुलेरा (जयपुर) के रहन वाले हाल पंचशील नगर गणेश गुवाड़ी निवासी करणसिंह के साथ चेन स्नेचिंग की वारदातें अंजाम देना कबूला। इस पर पुलिस ने हेमंत भाटी, पवन और करण को लोहागल स्थित माताजी के मंदिर के पास से धर-दबोचा। थाने में पूछताछ में हेमंत और उसके साथियों ने चेन स्नेचिंग की वारदातें अंजाम देना कबूला। पुलिस ने हेमंत भाटी और पवन से लूटी गई एक सोने की चेन के दो टुकड़े बरामद किए। पुलिस ने चारों को चेन लूट व अवैध हथियार के मामले में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपितों को मंगलवार को अदालत में पेश करेगी।

बाइक से लूट, कार से फरार

पुलिस पड़ताल में सामने आया कि गिरोह वैशालीनगर क्षेत्र में शहर की गलियों, चौराहों और भीड़भाड़ वाले स्थानों को वारदातों के लिए चुनता। महिलाओं के गले में पहनी चेन तोडऩे के लिए पवन की बिना नम्बर की पल्सर मोटरसाइकिल इस्तेमाल की जाती। वारदात अंजाम देने के बाद लुटेरे हेमंत भाटी की कार में सवार हो जाते। वारदात के बाद नाकाबंदी में पुलिस मोटरसाइकिलों सवारों को रोक कर पूछताछ और तलाश करती और लुटेरे नजरें बचाकर नाकाबंदी से निकलने में कामयाब हो जाते।

विभिन्न थानों में 10 मामले

पुलिस रिकॉर्ड में हेमंत भाटी क्रिश्चियनगंज थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में मारपीट और धोखाधड़ी के करीब 10 प्रकरण दर्ज है। भाटी एक संगठन का पदाधिकारी भी रह चुका है। कुछ महीने पहले उस पर अलवर गेट थाने के हिस्ट्रीशीटर मनीष राजोरिया ने रेलवे स्टेशन परिसर में देशी कट्टे से फायर किया था। हालांकि गोली हेमंत की गदर्न को छू कर गुजर गई। हेमंत ने कुछ साल पहले अपने साथी मनीष राजोरिया की पत्नी से प्रेम विवाह किया था। तब से दोनों में रंजिश चल रही थी।

डेढ़ साल से वारदातें

पुलिस पड़ताल में सामने आया कि हेमंत भाटी और उसके साथी पिछले डेढ़ साल से चेन लूट की वारदात अंजाम दे रहे थे। हेमंत पहले प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने का काम करता था। लेकिन कारोबार में घाटा लगने पर वह पवन व हेमंत सोढ़ा के साथ मिलकर चेन स्नेचिंग की वारदात अंजाम देने लगा। पुलिस के रिकॉर्ड में पवन के खिलाफ तीन और हेमंत सोढ़ा के खिलाफ एक प्रकरण दर्ज है।

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