अजमेर

आनासागर झील: नो कंस्ट्रक्शन जोन में हो रहा ‘मनमाना कंस्ट्रक्शन Ó

स्मार्ट सिटी के अभिंयता उड़ा रहे सरकार की अधिसूचना की धज्जियां 3 जनवरी 2014 को जारी हुई थी अधिसूचना
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Jun 20, 2021
anasagar lake in ajmer
anasagar lake in ajmer

भूपेन्द्र सिंह

अजमेर. शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के नाम पर हो रहे खेल में जमकर नियम कायदों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शहर की शान आनासागर Anasagar Lake को संरक्षित व सुरक्षित रखने के लिए सरकारी अधिसूचना (गजट नोटिफिकेशन दिसम्बर 2013) जारी की गई। इसके तहत नगरीय क्षेत्रों में आने वाले जलाशयों के कैचमेंट एरिया (जल बहाव क्षेत्र) को संरक्षित रखने के no construction zone लिए राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी की थीं। जिसमें आनासागर झील व पालबीचला झील को जनहित में संरक्षित रखने के लिए जलाशयों की सीमाओं के भीतरी क्षेत्र को नो कंस्ट्रक्शन जोन घोषित किया गया था। लेकिन स्मार्ट सिटी के अभिंयता नो कंस्ट्रन की धज्जियां उड़ाते हुए आना सागर के बीचोबीच पाथे बना कर झील को ही छोटा कर इसके मूल स्वरूप को ही बिगाड़ रहे हैं। आनासागर झील के चारो ओर भूमाफियाओं द्वारा अवैध रूप से करोड़ो की जमीनो पर कब्जा कर गैर-कानूनी ढंग से व्यवसायिक/आवासीय निमार्ण कर झील के स्वरूप को ही बदला जा रहा है। भराव क्षेत्र कम होने से झील की चादर चलानी पड़ेगी जिससे तेज वर्षा के दौरान आनासागर झील के सटे क्षेत्र कई कॉलोनिया एवं शहर की निचली बस्तियों में पानी भरने की समस्या खड़ी होगी।

बैठकों बाहर निकलते ही पाटी जा रही झील

स्मार्ट सिटी के अभियंताओं ने नगर निगम द्वारा आना सागर के लिए तय किए एफटीएल को दरकिनार कर आनासागर के बची में ही पाथ वे निर्माण की डीपीआर तैयार कर खुद ही मंजूर कर ली। अब इसी के अधार पर मनमानार कंस्ट्रशन किया जा रहा है। यही अभियंता झील संरक्षण की बैठकों में झील संरक्षण का पाठ पढ़ाते रहे वहीं रातो दिन अधिसूचना की धज्जियां उड़ाकर आना सागर झील को मिट्टी भर कर पाटने में जुटे हैं।

इसलिए घोषित हुआ नो कंस्ट्रक्शन जोन

ाजस्थान उच्च न्यायाय ने रिट याचिका संख्या- 11153/ 2011 सुओमोटो बनाम राज्य सरकार में पारित निर्णय अनुपालना में नगरीय क्षेत्रों में आने वाले जलाशयों को संरक्षित रखने के लिए जलाशयों के कैचमेंट क्षेत्र (जल बहाव क्षेत्र) का सीमांकन करवा कर विशेष साधारण सभा की बैठक 29 अप्रेल 2013 में लिए गए निर्णय एवं सीईओ की टिप्पणी के बाद इसके राज्य सरकार को भेजा गया। आना सागर झील एवं पाल बीसला झील को संरक्षित रखने के प्रयोजनार्थ जनहित में राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009(अधिनियम संख्या 18 वर्ष 2009) की धारा 339 (सी) के अन्तर्गत सीईओ ने नो कंस्ट्रक्शन जोन घोषित करते हुए सीमांए निर्धारित कर दीं।

यह है आना सागर झील के नो कंस्ट्रक्शन जोन की सीमा

आनासागर जोन के नो कंस्ट्रक्शन जोन की सीमा बजरंगगढ़ से प्रारंभ होकर उत्तर दिशा में सड़क के साथ-साथ चलते हुए सर्किट हाउस एनसीसी ऑफिस को छोड़ते हुए एवं चौपाटी को शामिल करते हुए शांतिपुरा नाले की पुलिया तक। यहां से आगे एसीआर रोड पर चलते हुए बाईं ओर एमडब्ल्यूएल लाइन तक जीमॉल ,अशोक विहार कॉलोनी ,मानसिंह होटल आदि निर्मित भवनों एवं न्यास/ निगम द्वारा नियमानुसार नियमन की पुलिया गई भूमि/ भूखंड तथा राजस्व विभाग द्वारा घोषित निजी संपत्ति को छोड़ते हुए आंतेड़ नाले की पुलिया को क्रॉस करते हुए पत्रिका के भवन। एसीआर रोड से दक्षिण पश्चिम दिशा में पत्रिका भवन स्थित एवं अर्बन हाट बाजार के मध्य स्थित सड़क पर चलते हुए आना सागरपाल तक आनासागर पाल के साथ -साथ चलते हुए दाहिनी तरफ के (हाउसिंग बोर्ड,नगर सुधार न्यास एवं निगम से अनुमोदित कॉलोनी में) निर्मित भवनों को छोड़ते हुए एसीआर रोड पर एचकेएचके स्कूल के सामने चौरसियावास की पुलिया तक। चौरसियावास नाले की पुलिया से एसीआर रोड पर दक्षिण पश्चिम की ओर चलते हुए सड़क के बाई ओर के संपूर्ण क्षेत्र को शामिल करते हुए रीजनल कॉलेज तिराहे तक। रीजनल कॉलेज तिराहे से पुष्कर रोड पर दक्षिण पूर्व दिशा में चलते हुए बाई ओर का संपूर्ण क्षेत्र (विश्राम स्थली,खंडेलवाल मार्बल ,संजीवनी अस्पताल ,महेंद्र मार्बल ,रवि भंडारी के मकान, मनोहर स्लेट) आदि को शामिल करते हुए एवं एसटीपी क्षेत्र को छोड़ते हुए बांडी नदी के नाले को क्रॉस करते हुए आश्रम के तिराहे तक। अद्वैत आश्रम से पुष्कर रोड पर दक्षिण पूर्व की दिशा में चलते हुए बाई तरफ के संपूर्ण क्षेत्र का शामिल करते हुए (महावीर कॉलोनी ,अरिहंत कॉलोनी, नवग्रह कॉलोनी आदि) लव कुश उद्यान तक। यहां से उत्तर दिशा में लव-कुश राम प्रसाद घाट शामिल करते हुए उत्तर दिशा में सड़क के साथ चलते हुए सुभाष उद्यान के सामने सड़क तक यहां से उत्तर दिशा में सड़क के साथ-साथ चलते हुए सुभाष उद्यान को शामिल करते हुए बजरंगढ़ सर्किल तक के जोन को नो कंस्ट्रक्शन जोन शामिल किया गया है। यहां डाली जा रही अवैध रूप से मिट्टीआनासागर का मूल भराव क्षेत्र जो लगभग 494 एकड़ है। इसे छोटा कर लगभग कर दिया गया है। भट्टे वाली गली , सैन्चूरी स्कूल पुष्कर रोड,जी-मॉल के पास एवं रीजनल कॉलेज के सामने, वृन्दावन स्कूल की पीछे एवं गोविन्दम समारोह स्थल के पीछेे विषेष रूप से अवैध मिट्टी डालकर अवैध निर्माण के कार्य गत एक-दो वर्ष से लगातार जारी है।

नहीं छोड़ी जा रही वाटर टनल

चौपाटी निमार्ण के दौरान कही भी पाथवे में वॉटर टनल नही छोडी जा रही है जिससे बरसात का पानी आनासागर पंहुचने में बाधा आयेगी। इसमें वेटलेण्ड का भी प्रावधान रखा गया था जो चौपाटी के चारो ओर था। जिससे अवैध निर्माणों व कब्जों को रोका जा सकता था परन्तु भूमाफियाओं को लाभ पंहुचाने की मंशा से यह नही किया जा रहा है।

Published on:
20 Jun 2021 10:25 pm