
अजमेर.
प्रदेश के सरकारी विश्वविद्यालयों में विभागवार शिक्षकों के पद रिक्त हो रहे हैं। इनमें प्रोफेसर, रीडर और लेक्चरर शामिल हैं। कई विश्वविद्यालयों में विभागवार नई भर्तियां नहीं हुई है।
कुछ विश्वविद्यालयों ने भर्तियां की हैं, लेकिन उनमें प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से गड़बडिय़ों के चलते प्रक्रिया प्रभावित हुई है। राज्यपाल और कुलाधिपति कलराज मिश्र ने भी रिक्त पदों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने पिछले साल विश्वविद्यालय में शैक्षिक और अशैक्षिक पदों की स्थिति, इनमें संचालित स्नातक-स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम, विश्वविद्यालय की वित्तीय स्थिति (अनुदान)-रिक्त और स्वीकृत पदों की स्थिति की जानकारी मांगी थी। नई भर्तियों पर राज्य सरकार, यूनिवर्सिटी और राजभवन को मिलकर फैसला करना होगा।
फैक्ट फाइल...
प्रदेश में सरकारी विश्वविद्यालय-28
अध्ययनरत विद्यार्थी-45 हजार से ज्यादा
विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पद-1 हजार से ज्यादा
विश्वविद्यालयों पढ़ाने वाले गेस्ट फेकल्टी-150 से 450
विश्वविद्यालयों में संकाय-विज्ञान, कला, वाणिज्य, प्रबंधन, ललित कला, विधि और अन्य
कोरोना ने बढ़ाया संकट, सम्बद्धता देने में होगी देरी
अजमेर. कोरोना वायरस संक्रमण ने शिक्षण संस्थानों की परेशानी बढ़ा दी है। सीबीएसई और राज्य के विश्वविद्यालयों के लिए स्कूल-कॉलेज को सम्बद्धता देना आसान नहीं है। सत्र 2020-21 में ऑनलाइन फार्म, फीस लेने के बाद निरीक्षण जैसी औपचारिकताएं पूरी होना मुश्किल हैं।
सीबीएसई, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और राज्य के विश्वविद्यालय प्रतिवर्ष नई अथवा अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज को सम्बद्धता देते हैं। स्कूल और कॉलेज निर्धारित फीस देकर ऑनलाइन आवेदन करते हैं। बोर्ड और विश्वविद्यालयों की टीम इनका निरीक्षण कर सम्बद्धता के लिए अनुशंषा करती है। बोर्ड और यूनिवर्सिटी एक या दो सत्र की एकमुश्त सम्बद्धता जारी करते हैं।
सीबीएसई दो बार बढ़ा चुका तिथि
सीबीएसई से करीब 30 हजार निजी, 25 हजार सरकारी, 1350 केंद्रीय विश्वविद्यालय, 600 जवाहर नवोदय विद्यालय, 15 तिब्बत स्कूल सम्बद्ध हैं। दिल्ली, प्रयागराज, पुणे, भोपाल, अजमेर, देहरादून, पटना, भुवनेश्वर, चेन्नई और अन्य रीजन के स्कूल को 2021-22 की सम्बद्धता लेनी है। लॉकडाउन के चलते बोर्ड ने पहले आवेदन तिथि 26 अप्रेल तय की थी। अब इसे 30 जून तक बढ़ाया गया है। स्कूल इस अवधि में आवेदन तो कर सकेंगे, लेकिन बोर्ड द्वारा निरीक्षण, रिपोर्ट तैयार करने जैसी औपचारिकताएं पूरी करने में समय लगेगा।