अजमेर

BIG ISSUE: लेटलतीफ यूनिवर्सिटी, ना फॉर्म ना प्रेक्टिकल की कोई तैयारी

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय की तैयारियां नहीं दिख रही। ना विवि ने फॉर्म भरवाए हैं ना कोई प्रेक्टिकल को लेकर तिथियां तय की हैं।
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Apr 01, 2021
mdsu ajmer
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अजमेर.

राज्य के विश्वविद्यालयों में सत्र 2020-21 की सालाना परीक्षाओं को लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने कार्यक्रम निर्धारित किया है। इसके तहत 15 अप्रेल से प्रेक्टिकल और 15 मई से सालाना परीक्षाओं की शुरुआत होनी है। लेकिन महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय की तैयारियां नहीं दिख रही। ना विवि ने फॉर्म भरवाए हैं ना कोई प्रेक्टिकल को लेकर तिथियां तय की हैं।

उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े राज्य के 15 सरकारी विश्वविद्यालयों में सत्र 2020-21 की वार्षिक परीक्षाएं होनी हैं। इनमें बीए, बीएससी, बी.कॉम, बीए, बीएससी और बी.कॉम ऑनर्स, एमए, एम.कॉम, एमएससी, लॉ प्रथम, द्वितीय, तृतीय तृतीय वर्ष, चार वर्षीय बीएससी और बीए बीएड, दो वर्षीय बीएड, बीएससी होम साइंस, बायोटेक, आईटी सहित अन्य परीक्षाएं शामिल हैं। इसको लेकर उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव मोहम्मद नईम विश्वविद्यालयों को परीक्षा संबंधित कार्यक्रम भेज चुके हैं।

प्रेक्टिकल और वार्षिक परीक्षाएं
विश्वविद्यालयों को प्रायोगिक परीक्षाएं 15 अप्रेल से प्रारंभ करनी होंगी। स्वयंपाठी डिग्री और डिप्लोमा कोर्स की परीक्षाएं भी इसी दिन शुरू करने को कहा गया है। नियमित विद्यार्थियों की परीक्षाएं 15 मई से शुरु करने को कहा गया है। बीए, बी.कॉम और बीएससी अंतिम वर्ष की वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन अन्य परीक्षाओं से पहले कराने को प्राथमिकता देनी होगी। पीजी प्रीवियस की परीक्षाएं अन्य कक्षाओं की परीक्षाओं के बाद कराई जाएंगी।

सबसे लेटलतीफी विश्वविद्यालय
परीक्षात्मक तैयारियों में मदस विश्वविद्यालय सबसे पिछड़ा हुआ है। मार्च बीत चुका है, पर परीक्षा फॉर्म नहीं भरवाए गए हैं। प्रायोगिक परीक्षाओं की तिथियां-कार्यक्रम भी तय नहीं हुआ है। केवल 2 घंटे का पेपर और आनुपातिक रूप से 60 प्रतिशत प्रश्न हल करने के विकल्प को लेकर 7 अप्रेल को एकेडेमिक कौंसिल की बैठक जरूरी बुलाई गई है।

कैसे आएंगे 31 जुलाई तक परिणाम
बीए, बीएससी और बी.कॉम तृतीय वर्ष की परीक्षाओं के नतीजे 31 जुलाई तक जारी करने जरूरी होंगे। ताकि विद्यार्थियों को कहीं प्रवेश अथवा रोजगार प्राप्ति करने में देरी नहीं हो। सेमेस्टर कोर्स की परीक्षाओं का फैसला विवि अपने स्तर ले सकेंगे। लेटलतीफी के चलते मदस विवि इसमें भी पिछड़ता दिख रहा है।

Published on:
01 Apr 2021 07:58 am