
अजमेर.
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में आठ महीने से प्रबंध मंडल (बॉम) नहीं हुई है। एक तरफ इसमें नए सदस्य बनाए जाने हैं। वहीं कुलपति के कामकाज पर रोक के चलते बैठक बुलाया जाना संभव नहीं है। इसके चलते वित्तीय, प्रशासनिक और शैक्षिक मुद्दे अटके हुए हैं।
विश्वविद्यालय के एक्ट 7 (1) के तहत प्रबंध मंडल का गठन किया गया है। सभी शैक्षिक, प्रशासनिक फैसले, नियुक्तियां, दीक्षान्त समारोह, डिग्रियों का निर्माण और अन्य कार्य प्रबंध मंडल लेता है। कुलपति की अध्यक्षता वाले प्रबंध मंडल में विधानसभा द्वारा नियुक्ति दो विधायक, राज्यपाल एवं राज्य सरकार के प्रतिनिधि (एक-एक), विश्वविद्यालय कोटे से दो प्रोफेसर, एक डीन के अलावा उच्च शिक्षा, वित्त, योजना विभाग के प्रमुख सचिव, कॉलेज शिक्षा निदेशक सदस्य होते हैं। इसमें कुलसचिव सदस्य सचिव के रूप में शामिल होते हैं।
यह करनी होगी नियुक्ति
बॉम में ब्यावर विधायक शंकर सिंह और मसूदा की पूर्व विधायक सुशील कंवर पलाड़ा का कार्यकाल खत्म हो चुका है। इसके अलावा राज्यपाल की प्रतिनिधि अल्का सिरोया का कार्यकाल मई में खत्म होगा। प्रोफेसर कोटे से मात्र प्रो. शिवदयाल सिंह सदस्य हैं। एक पद अब तक रिक्त है। भाजपा राज्य में प्रो. अनिल कोठारी को सरकार का प्रतिनिधि बनाया गया था। ऐसे में उनको बदला जाना तय है। बाकी सदस्य संबंधित विभागों के प्रमुख शासन सचिव, कॉलेज शिक्षा निदेशक हैं।
कुलपति पद पर संकट
पूर्व कुलपति प्रो. विजय श्रीमाली के कार्यकाल में बीते वर्ष 30 जून को बॉम हुई थी। इसके बाद से कोई बैठक नहीं हुई है। कुलपति पद पर आठ महीने से संकट मंडराया हुआ है। प्रो. आर. पी. सिंह के कामकाज पर राजस्थान हाईकोर्ट ने रोक लगाई हुई है। ऐसे में विश्वविद्यालय के वित्तीय, शैक्षिक और प्रशासनिक मुद्दे अटके हुए हैं।