ajmer news : कलक्ट्रेट की छत पर शराब और बीयर की बोतलें मिलने का मामला सामने आने के बाद सोमवार जिला प्रशासन हरकत में आया। अतिरिक्त कलक्टर शहर और तहसीलदार छत पर निरीक्षण करने पहुंचे। इससे पहले ही छत के छज्जों पर पड़ी शराब और बीयर की बोतलें वहां से हटा ली गई। ऐसे में दोनों अधिकारी छत पर साफ-सफाई करवा कर लौट गए।
अजमेर. कलक्ट्रेट (collectorate) की छत पर शराब और बीयर की बोतलें मिलने का मामला सामने आने के बाद सोमवार जिला प्रशासन हरकत में आया। अतिरिक्त कलक्टर शहर और तहसीलदार छत पर निरीक्षण करने पहुंचे। इससे पहले ही छत के छज्जों पर पड़ी शराब और बीयर की बोतलें वहां से हटा ली गई। ऐसे में दोनों अधिकारी छत पर साफ-सफाई करवा कर लौट गए।
एडीएम सिटी सुरेश कुमार सिंधी ने बताया कि कलक्ट्रेट में पहली मंजिल पर स्थित विभागों के निरीक्षण में कुछ जगह गंदगी मिली। इसके लिए सफाई ठेकेदार को नियमित सफाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही सिविल लाइंस थाने को रात्रि गश्त के दौरान एक चक्कर कलक्ट्रेट में लगाने के निर्देश दिए हैं। रात के समय कलक्ट्रेट निगरानी के लिए एक होम गार्ड नियमित रहेगा। इसके अलावा जिला कलक्टर विश्वमोहन शर्मा ने सभी विभागों को पत्र भेजकर हिदायत दी है कि उनके कार्यालय या आस-पास गंदगी या अंवाछनीय वस्तु मिलने पर विभागाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्वच्छता अभियान पर फिर रहा पानी
जिले में स्वच्छता का पाठ पढ़ाने वाले जिला स्तरीय अधिकारी कलक्ट्रेट में बैठते हैं लेकिन कलक्ट्रेट परिसर में ही सफाई की पहले जरूरत है। सबसे बुरा हाल कलक्ट्रेट के मुख्य भवन और राजीव गांधी सेवा केंद्र के बीच का है। इस पूरे रास्ते को ही कचरा डिपो बना रखा है। इस जगह को देखकर ऐसा लगता है कि कलक्ट्रेट के कर्मचारी सफाई करके यहीं पर कचरा फैंकते रहते हैं, यहां कचरा उठाया नहीं जा रहा। इस संबंध में एडीएम सिटी सिंधी का कहना है कि उन्होंने नगर निगम को कचरा उठाने के लिए कह दिया है।
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अजमेर. कलक्ट्रेट परिसर में दिन में लाइटें जलने के मामले में जिला प्रशासन सोमवार को गंभीर दिखा। एडीएम सिटी सुरेश सिंधी ने विभिन्न विभागों में जाकर जायजा भी लिया। इस दौरान रसद अधिकारी कार्यालय में बाहर की लाइटें जलती मिली जबकि उस वक्त रसद अधिकारी स्वयं किसी कार्य से बाहर गए हुए थे। इस पर सिंधी ने वहां की लाइटें बंद करवाई। सिंधी ने उदाहरण भी दिया कि वे खुद के कार्यालय की लाइटें स्वयं बंद करके जाते हैं।