ajmer news : तारागढ़ पहाड़ी पर रविवार को दुर्घटना टल गई। यहां मोड़ पर वैन और कार आमने सामने हो गई। अचानक सामने आई वैन को बचाने के चक्कर में कार सड़क से उतरकर घाटी की तरफ लटक गई। इससे कार में बैठे लोगों की सांसें फूल गई। बाइक सवारों और आसपास खड़े लोगों ने उन्हें बाहर निकला।
अजमेर. तारागढ़ (taragarh) पहाड़ी पर रविवार को दुर्घटना टल गई। यहां मोड़ पर वैन और कार आमने सामने हो गई। अचानक सामने आई वैन को बचाने के चक्कर में कार सड़क से उतरकर घाटी की तरफ लटक गई। इससे कार में बैठे लोगों की सांसें फूल गई। बाइक सवारों और आसपास खड़े लोगों ने उन्हें बाहर निकला।
तारागढ़ पहाड़ी पर हजरत मीरां साहब की दरगाह और आवासीय क्षेत्र है। यहां पर आने-जाने के लिए सड़क बनी है। सड़क की चौड़ाई कई जगह कम है। रविवार को कुछ जायरीन कार में बैठकर तारागढ़ पहाड़ी से अजमेर आ रहे थे। वहीं एक वैन जायरीन को लेकर तारागढ़ जा रही थी। इस दौरान एक मोड़ पर दोनों वाहन आमने-सामने हो गए। वैन को बचाने के चक्कर में कार अचानक घाटी की तरफ लटक गई। इससे कार में बैठी सवारियों के होश उड़ गए। बाद में बाइक सवार और आसपास खड़े लोगों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
दिल्ली की अनाज मंडी में फै क्ट्री की तरह लगी आग तो तबाही तय
अजमेर. दिल्ली की अनाज मंडी में फैक्ट्री में लगी भीषण आग ने कई परिवारों को तबाह कर दिया। तंग गली की इस इमारत में 44 लोगों की मौत हो गई। अजमेर में भी अंदरूनी इलाकों में कई तंग गलियां हैं, जहां फायर ब्रिगेड और एम्बुलैंस आसानी से नहीं पहुंच सकती है। अगर यहां भी आगजनी की घटना हुई तो बड़ी तबाही हो सकती है।
अजमेर में दरगाह बाजार के मोतीकटला, लाखनकोटड़ी, लंगरखाना गली, झालरे से सटा इलाका, खादिम मोहल्ला, लौंगिया सहित डिग्गी बाजार, घसेटी, होलीदड़ा से दरगाह बाजार जाने के लिए तंग गलियां हैं। दरगाह इलाके में कई गलियों में व्यापारियों के गोदाम हैं। इनमें प्लास्टिक के खिलौने, मोमबत्ती, फे्रम-बैग बनाने के कारखाने भी संचालित हैं। कई जगह सोहन हलवा और अन्य मिठाई बनाने की फैक्ट्रियां हैं। कई मकान दो-तीन मंजिला हैं।
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तंग हैं क्षेत्र की गलियां
दरगाह बाजार के अंदरूनी इलाकों, झालरा क्षेत्र, घसेटी और आसपास के बेहद तंग गलियां हैं। यहां घरों अथवा फैक्ट्री-दुकान, कारखाना में आगजनी होने पर तत्काल राहत पहुंचाना मुश्किल है। फायर ब्रिगेड की बड़ी गाडिय़ां इन गलियों में नहीं पहुंच सकती हैं। हालांकि अग्निशमन विभाग दस्ते ने हाल में कुछ छोटी जीप और बाइक्स भी शामिल की हैं। इन्हें खासतौर पर तंग इलाकों-गलियों में आगजनी होने की स्थिति में भेजा जा सकता है।