अजमेर

CBSE: मार्कशीट की फोटो प्रति के लिए आवेदन

अंकों की गणना के फार्म भरने वाले विद्यार्थी ही जंची की उत्तर कॉपी की प्रति ले सकेंगे। इसके लिए उन्हें प्रति विषय 700 रुपए फीस देनी होगी।

2 min read
Aug 03, 2019
Nine teachers failed proficiency test even after copying high school
Nine teachers failed proficiency test even after copying high school

अजमेर

सीबीएसई (cbse) के बारहवीं की पूरक परीक्षा (supplementary exam) में शामिल हुए विद्यार्थी जंची हुई कॉपी (checked copy) की फोटो प्रति (phto copy) के लिए ऑनलाइन आवेदन (online form) कर चुके हैं। अब उन्हें फोटो कॉपी का इंतजार है।

सीबीएसई मुख्य के अलावा पूरक परीक्षा में भी बारहवीं (12th class)और दसवीं (10th class) के विद्यार्थियों को अंकों की गणना (re total)और जंची हुई उत्तर कॉपी (answer sheet) की प्रति लेने की सुविधा देता है। बारहवीं के अंकों की गणना के लिए आवेदन लिए जा चुके हैं। जंची हुई कॉपी की फोटो प्रति के लिए आवेदन प्रक्रिया समाप्त हो गई है। यह सुविधा शुक्रवार तक दी गई थी।

अंकों की गणना के फार्म भरने वाले विद्यार्थी ही जंची की उत्तर कॉपी की प्रति ले सकेंगे। इसके लिए उन्हें प्रति विषय 700 रुपए फीस देनी होगी। फीस ई-चालान (e-chalan), डेबिट/क्रेडिट कार्ड (debit and credit card)से दी जा सकेगी। अंक गणना और जंची हुई उत्तर कॉपी की प्रति के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थी पुनर्मूल्यांकन (revalution) भी करा सकेंगे। इसके लिए 5 और 6 अगस्त को ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। विद्यार्थियों को प्रति प्रश्न सौ रुपए फीस देनी होगी।

सीबीएसई ने जारी किया सीटेट का परिणाम

सीबीएसई (cbse) ने केंद्रीय पात्रता परीक्षा (सीटेट)-2019 का परिणाम घोषित कर दिया है। अभ्यर्थी बोर्ड की वेबसाइट से परिणाम का अवलोकन कर सकते हैं। सीबीएसई ने बीती 7 जुलाई को केंद्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा (CTET-2019) कराई थी। इसके तहत दो पेपर हुए थे। बोर्ड ने हाल में 24 से 26 जुलाई तक दोनों पेपर की ओएमआर और उत्तरकुंजी अपलोड की थी। बोर्ड ने परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है। सीटेट का परिणाम महज 22 दिन में जारी हुआ है।

पढें यह खबर भी साथ........

अब नहीं दिखता अजमेर-पुष्कर में टाइगर
अजमेर. कभी अजमेर सहित राजस्थान के विभिन्न जिलों में स्वच्छंद विचरण करने वाले टाइगर (tiger in rajasthan) का अस्तित्व अब खतरे में है। अंधाधुंध शिकार, वन्य क्षेत्रों और वन्य जीवों की घटती तादाद से अजमेर जिले से 69 वर्ष पहले टाइगर लुप्त हो चुका है। राजस्थान में भी सवाई माधोपुर, अलवर, कोटा और उदयपुर की सेंचुरी में करीब 50-55 टाइगर (tigers) बचे हैं। जबकि वैश्विक स्तर (world wide) पर वर्ष 2022 तक टाइगर की तादाद बढ़ाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

Updated on:
01 Aug 2019 08:58 am
Published on:
03 Aug 2019 07:44 am