अजमेर

पुष्कर के नए रंगजी मंदिर में चैत्र की सवारियां शुरू

ग्यारह दिन तक आयोजित होंगे कार्यक्रम, अलग-अलग वाहनों पर सवार होंगे प्रभु, 21 मार्च को होगा ब्रह्मोत्सव का समापन
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Mar 12, 2020
नए रंगजी मंदिर में चैत्र की सवारियां शुरू
पुष्कर के नए रंगजी मंदिर में बुधवार की रात मंगलगिरी पर निकाली गई भगवान की सवारी को कंधे पर उठाए भक्त।

पुष्कर (अजमेर) . नए रंगजी मंदिर में बुधवार को भगवान विष्वकसेन की सवारी निकाले जाने के साथ शुरू हुई चैत्र मास की सवारियां निकाले जाने का सिलसिला ग्यारह दिनों तक जारी रहेगा। इस दौरान प्रात:काल व रात्रि में गाजे-बाजे के साथ चांदी के आभूषणों सुसज्जित भगवान वैकुण्ठनाथ, रंगनाथ की सवारियां निकाली जाएंगी। प्रबंधक सत्यनारायण रामावत के अनुसार 12 मार्च को प्रात: चतुस्र्तम्भी पर तथा रात्रि को सिंह वाहन पर सवारी निकाली जाएगी। इसी क्रम में 13 को प्रात: हंस वाहन तथा रात्रि को सूर्यप्रभा, 14 को प्रात: गरुड़ वाहन व रात्रि को हनुमान वाहन पर, 15 को प्रात: शेषनाग तथा रात्रि को चन्द्रप्रभा वाहन तथा 16 मार्च को प्रात: पालकी में तथा रात्रि को शार्दूल वाहन पर सवारी निकाली जाएगी।

आकर्षक होगी बसंत की सवारी

आयोजन की सबसे बड़ी बसंत की सवारी 17 मार्च की शाम चार बजे मंदिर से निकाली जाएगी। इसमें भगवान वेणुगोपाल की अष्टधातु प्रतिमा को मंत्रों से अभिमंत्रित कर होली खेलते श्रृंगार से सजाया जाकर स्वर्णनिर्मित मंगलगिरी पर विराजित कराया जाएगा। पुजारी अबीर-गुलाल उड़ाकर व केसर युक्त जल का श्रद्धालुआंें पर छिडक़ाव कर भगवान की भक्तों के साथ होली खेलने की परम्परा निभाएंगे। सवारी वराह घाट चौक से गऊ घाट होते हुए पुराने रंगनाथ मंदिर की परिक्रमा लगाने के बाद रात्रि दस बजे मंदिर लौटेगी। 18 मार्च को प्रात: कदम्ब वाहन व रात्रि को हाथी पर एवं 19 को प्रात: मंदिर में जल विहार होगा।

भगवान के घर चोरी होगी

19 मार्च की रात्रि में घोड़े पर सवारी निकलेगी। इसमें कस्बे के युवा शरीर पर हरे पत्ते, माथे पर फें टा बांधे भगवान के घर चोरी करेंगे। परकाल स्वामी के ढूंढने पर चोरों के आत्मसमर्पण और पार्षदों की ओर से इनका स्वागत करने की लीला का मंचन होगा। 20 मार्च को प्रात: पालकी, रात्रि को पुण्य कोटि व 21 मार्च को प्रात: पुष्पयोग तथा रात्रि को पुष्प विमान पर सवारी के साथ ब्रह्मोत्सव का समापन होगा।

Published on:
12 Mar 2020 05:01 am