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RSRTC : सवा सौ पंचायत मुख्यालय रोडवेज बस सेवा से वंचित

सरकारी सहायता रोके जाने का असर : अजमेर जिले की 282 ग्राम पंचायतों में से 123 में ही संचाललन

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rajasthan roadways

Rajasthan roadways retired employees going on agitation and protest

हिमांशु धवल

अजमेर. जिले की 123 से अधिक ग्राम पंचायत रोडवेज बस सेवा से महरूम हैं। हालांकि 43 नई ग्राम पंचायत गठित होने से यह आंकड़ा बढ़ भी सकता है। रोडवेज बसों के गांवों में नहीं जाने से निजी बस ऑपरेटर चांदी कूट रहे हैं। हालांकि प्रदेश में रोडवेज के लिए प्रति किलोमीटर की दर से किराया तय है, लेकिन इन क्षेत्रों में बस यात्रियों से मनमाफिक किराया वसूला जाता है। कई इलाकों में कंडम बसों के संचालन से हादसों का अंदेशा बना रहने के साथ ही बसें आने-जाने का कोई टाइम-टेबल भी नियत नहीं है। इतना सब होने के बावजूद इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा।

अवैध वाहनों की भरमार
राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों को जोडऩे के लिए पृथक से ग्रामीण बस सेवा भी शुरू की गई थी, लेकिन कुछ समय बाद यह बंद हो गई। इससे जहां ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा से वंचित होना पड़ा, वहीं ऐसे रूट पर अवैध वाहनों की बाढ़ आ गई। हालात यह हैं कि जिले की कई ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर रोडवेज बसों की आवाजाही बिल्कुल भी नहीं है। वहीं कुछ बसें केवल सुबह-शाम ही आती-जाती हैं। रोडवेज प्रशासन की ओर से बीते साल करवाए गए सर्वे में 123 ग्राम पंचायतों में रोडवेज बस सेवा का संचालन नहीं होना सामने आया।

बंद पड़ी है जिले में ग्रामीण बस सेवा

प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवा संचालन के लिए निजी बस ऑपरेटर व राजस्थान पथ परिवहन निगम के बीच नवम्बर 2012 तथा अप्रेल 2013 में अनुबंध हुआ था। इसमें 1100 बसों को ग्रामीण क्षेत्रों में लगाया गया था। लेकिन यह सिलसिला 2017 तक ही चला। इसके बाद ग्रमीण बस सेवा बंद हो गई। ग्रामीण बस सेवा बंद होने का मुख्य कारण इस सेवा के लिए पहले निर्धारित की गयी वीजीएफ (वायबिलिटी गैप फंडिंग) सरकार की ओर से रोक दिया जाना बताया जा रहा है। इसके तहत वो राशि दी जानी थी जो इस बस सेवा के संचालन को स्थापित करने के लिए बतौर सहायता दी जाती। कांग्रेस सरकार ने पिछले वर्ष इसे पुन: चालू करने की घोषणा की। इसके बाद सर्वे भी कराया गया, लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं हो सका।

फैक्ट फाइल

- 282 ग्राम पंचायत जिले में
- 159 ग्राम पंचायत रोडवेज से जुड़ी

- 123 ग्राम पंचायत रोडवेज से वंचित

- 43 ग्राम पंचायत नई गठित (जनवरी 2020 के बाद)

इनका कहना है...

ग्रामीण बस सेवा पहले संचालित होती थी। रोडवेज संवेदनशील होकर कार्य कर रही है। रोडवेज सेवा से वंचित ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव मांगे गए थे। सरकार के निर्देशानुसार कार्य किया जा रहा है।
- मुकेश राणा, जोनल मैनेजर अजमेर