
मनीष कुमार सिंह
अजमेर.
सेंट्रल जेल अजमेर नशे की गिरफ्त में है। यहां मोबाइल के साथ बंदियों को मादक पदार्थ की पुडिय़ा आसानी से मुहैया हो रही है। रविवार को झुंझुनूं से ट्रांसफर होकर आए बंदी की तलाशी में अंडरवियर में मादक पदार्थ की पुडिय़ा मिली। वहीं दूसरे मामले में मुलाकात के लिए आई महिला संतरे में मादक पदार्थ छिपा लाई। दोनों ही मामले जेल मुख्यद्वार पर तैनात राजस्थान आम्र्डकोर कांस्टेबलरी (आरएसी) के जवानों की मुस्तैदी से पकड़े गए। सिविल लाइन्स थाना पुलिस ने मादक पदार्थ अधिनियम व राजस्थान कारागार अधिनयम में दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज करते हुए महिला को गिरफ्तार किया है।
केस-1
झुंझुनूं जिले से रविवार शाम को बंदी सुमेर पुत्र गंगाराम कुम्हार जेल ट्रांसफर होकर अजमेर सेंट्रल जेल पहुंचा। चालानी गार्ड ने सुमेर को अजमेर सेंट्रल जेल में सुपुर्द कर दिया। मुख्यद्वार पर तलाशी में सुमेर के २ अंडरवियर पहनना सामने आया। आरएसी के जवान छत्रसाल ने संदेह जाहिर करते हुए अंडरवियर खुलाकर तलाशी ली। इसमें दोनों अंडरवियर के बीच पुडिय़ा छुपाकर रखी गई थी जिसमें ८ ग्राम अफीम निकली। सूचना पर सिविल लाइन्स थाने पुलिस ने मादक जब्त कर लिया। पुलिस ने जेल प्रशासन की रिपोर्ट पर मादक पदार्थ जब्त कर बंदी सुमेर के खिलाफ राजस्थान कारागार अधिनियम में मुकदमा दर्जकर लिया।
संदेह के घेरे में चालानीगार्ड!
जेल ट्रांसफर होकर आए बंदी सुमेर के अंडरवियर से अफीम की जब्ती ने झुंझुनू से आए चालानीगार्ड को संदेह के घेरे में ला दिया है। चालानीगार्ड सुमेर को बस से अजमेर लेकर पहुंचे थे। सिविल लाइन्स थाना पुलिस बंदी सुमेर को अदालत से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर मामले में पड़ताल करेगी।
केस-2
दूसरे मामले में रविवार को अजमेर सेंट्रल जेल में विचाराधीन बंदी पुष्कर निवासी रमेश पुत्र हीरालाल से पुष्कर मारवाड़ स्टेशन हाल अजमेर गुलाबबाड़ी निवासी माया पुत्री मोहन रेगर मुलाकात करने आई। मुलाकात की प्रक्रिया पूरी करने के बाद माया ने जेल मुख्यद्वार पर रमेश को दिए जाने वाले सामान में दो किग्रा संतरे दिए। यहां तैनात आरएसी के जवान जीवनराम ने सामान की गहनता से जांच में संतरे में संदेह गहरा गया। संतरा छीलकर देखने पर ३६ ग्राम चरस मिली। जेल प्रशासन की सूचना पर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने माया को मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने माया के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में प्रकरण दर्जकर गिरफ्तार कर लिया। प्रकरण में अनुसंधान गंज थानाप्रभारी जयसिंह को सौंपी है।
बताया धर्म भाई!
प्रारंभिक पड़ताल में माया ने रमेश को धर्म भाई बताया है। वह अजमेर के गुलाबबाड़ी में किराए के मकान में रहती है। पुलिस को उसके मादक पदार्थ की तस्करी मे कूरियर की भूमिका का संदेह है। पुलिस मामले में गहनता से पड़ताल में जुटी है।
अब तक 40 मामले
आरएसी ने बीते तीन साल में अजमेर सेंट्रल जेल और हाई सिक्योरिटी जेल में ४० से ज्यादा प्रतिबंधित वस्तुएं पकड़ी है। इसमें सर्वाधिक मोबाइल फोन व मादक पदार्थ की पुडिय़ा शामिल है। इसके बावजूद जेल के भीतर मोबाइल व नशे की पुडिय़ा पहुंच रही है।