
अजमेर. राज्य में भर्तियों और परीक्षाओं को लेकर मुख्य सचिवडी. बी. गुप्ता ने बैठक ली। इसमें राजस्थान लोक सेवा आयोग और राजस्थान अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड के प्रतिनिधि और विभिन्न महकमों के अफसर शामिल हुए।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सत्र 2019-20 के बजट भाषण में 75 हजार भर्तियां कराने की घोषणा की है। यह भर्तियां राजस्थान लोक सेवा आयोग और राजस्थान अधीनस्थ एवं मंत्राललियक सेवा चयन बोर्ड के जरिए होनी हैं। मुख्य सचिव देवेंद्र भूषण गुप्ता की अगुवाई में बैठक हुई। राजस्थान लोक सेवा आयोग की संयुक्त सचिव नीतू यादव सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।
आयोग की नजर नई भर्तियों पर
आयोग आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा भर्ती परीक्षा सहित कॉलेज लेक्चरर, स्कूल व्याख्याता और अन्य भर्तियों का इंतजार है। मुख्य सचिव ने कार्मिक विभाग, संबंधित विभाग और सरकार से अभ्यर्थना, पदों का वर्गीकरण और परीक्षण को कहा है। आयोग को मार्च-अप्रेल तक नई भर्तियां मिलने की उम्मीद है। मालूम हो कि इस साल आयोग को चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत सहायक आचार्य (ब्रॉड स्पेशिलिटी और सुपर स्पेशिलिटी) के 176 और वरिष्ठ प्रदर्शक के 93 पद, मूल्याकंन अधिकारी भर्ती (6 पद)गृह रक्षा विभाग में डिप्टी कमांडेंट (उप समादेष्टा) भर्ती (13 पद) ही मिली है।
बने नया कोर्ट रूम, एलिवेटेड रोड का काम हो जल्द
अजमेर. ढ़ती महंगाई के साथ बेरोजगारी ने अर्थव्यवस्था को जबरदस्त झटका दिया है। कारखानों-उद्योगों में तैयार माल की बाजार में खपत नहीं है। राजस्थान में बेरोजगारी, किसानों की पूर्ण कर्ज माफी, सरकारी भर्तियों का इंतजार है। पत्रिका ने इस बारे में शहर के विभिन्न वर्ग के लोगों से इस संबंध में चर्चा की।
सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी के आंकड़ों में बेरोजगारी दर 7.6 प्रतिशत बताई है। असंतुलित अर्थव्यवस्था को संभालना जरूरी है। राजस्थान में 75 हजार भर्तियों की बात कही गई है। सरकार जीएसटी की राशि नहीं मिलना बता रही है। अजमेर कोर्ट भवन के लिए बजट बढ़ाने की जरूरत है। ताकि काम त्वरित हो।