अजमेर को मिलेगी ये सौगात, जब बनेगा ये गार्डन तो देखते रह जाएंगे लोग

वन एवं पर्यावरण मंत्री खींवसर करेंगे शिलान्यास। शहर के बड़े शहरों की तर्ज पर शास्त्री नगर क्षेत्र में बनेगा नगर वन उद्यान।

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Jun 22, 2017
city garden in ajmer construct soon

शहरवासियों को नगर वन उद्यान की सौगात जल्द मिलेगी। शास्त्री नगर लोहागल क्षेत्र में गुरुवार को वन एवं पर्यावरण मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर नगर वन उद्यान का शिलान्यास करेंगे। बाद में वे पुष्कर में हर्बल गार्डन का लोकार्पण भी करेंगे।

प्रदेश की भाजपा सरकार ने पिछले साल बजट में जयपुर, जोधपुर की तर्ज पर अजमेर में भी नगर वन उद्यान बनाने की घोषणा की थी। यहां पेड़-पौधे लगाने, आमजन के लिए वॉक-वे, केफेटेरिया निर्माण, पहाडिय़ों से बहने वाले पानी का संरक्षण और अन्य कामकाज होना है। पिछले ड़ेढ़ साल से सरकार और वन विभाग स्थान का चयन नहीं कर पा रहे थे। बाद में शास्त्री नगर लोहागल क्षेत्र में जमीन चिह्नित हुई।

मंत्री खींवसर दोपहर 12 बजे इसका शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही कानस-नेडिलिया स्थित हर्बल गार्डन का लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम के अध्यक्ष शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी एवं महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री अनिता भदेल होंगे।

विशिष्ट अतिथि संसदीय सचिव सुरेश सिंह रावत, महापौर धर्मेन्द्र गहलोत, पुष्कर नगर पालिकाध्यक्ष कमल पाठक, अजमेर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष शिवशंकर हेड़ा होंगे। कार्यक्रम दोपहर 12 बजे आयोजित किया जाएगा।

बड़े शहरों की तर्ज पर बनेगा उद्यान

शिक्षा राज्य मंत्री देवनानी ने बताया कि शास्त्री नगर लोहागल क्षेत्र में बनने वाला यह नगर वन उद्यान बड़े शहरों की तर्ज पर बनेगा। शहर में इस तरह के उद्यान की कमी महसूस की जा रही थी। उद्यान के विकसित होने के बाद शहरवासी प्रकृति के बीच भ्रमण कर सकेंगे। यहां कई फलदार, छायादार एवं औषधीय महत्व के पौधे लगाए जाएंगे। मालूम हो कि वन एवं पर्यावरण मंत्री खींवसर ने बीती 5 मई को वन विभाग की बैठक में नगर वन उद्यान दिवाली तक विकसित करने की बात कही थी।

हर्बल गार्डन में मिलेगी दुर्लभ जड़ी-बूटी

संसदीय सचिव सुरेश सिंह रावत ने बताया कि कानस-नेडलिया में 20 हेक्टेयर भूमि पर करीब 62 लाख रुपए से हर्बल गार्डन तैयार किया गया है। यहां विभिन्न प्रजातियों की दुर्लभ जड़ी बूटियां तो विकसित उपलब्ध होगी। यह सैलानियों के लिए भी आकर्षण का केन्द्र बनेगा।

बायलॉजिक पार्क का इंतजार

शहर में बायलॉजिकल पार्क भी बनाया जाना है। इसके लिए किशनगढ़-अजमेर हाइवे और बूढ़ा पुष्कर के निकट जमीन तलाशी जा रही है। सेंट्रल जू अथॉरिटी के निर्देशों के तहत कि शेर-चीते और अन्य वन्य जीवों को पिंजरों में कैद नहीं रखा जा सकता। ऐसे में सरकार जयपुर के नाहरगढ़, उदयपुर के सज्जनगढ़, जोधपुर के माछिया क्षेत्र की तरह अजमेर में बायलॉजिकल पार्क बनाएगी। इससे वन्य जीवों को खुला माहौल मिल सकेगा।

Published on:
22 Jun 2017 04:08 am
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