
कर्नाटक के निवर्तमान सीएम सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया।(फोटो: ANI)
Cabinet Formation: कर्नाटक में कांग्रेस की जबरदस्त जीत के बाद अब कैबिनेट गठन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच, निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे और कांग्रेस के युवा नेता यतींद्र सिद्धारमैया ने एक अहम बयान देकर सबका ध्यान खींचा है। यतींद्र ने साफ कर दिया है कि उनकी नजर उप मुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) की कुर्सी पर बिल्कुल नहीं है, लेकिन उन्हें नई सरकार में मंत्री पद मिलने की पूरी उम्मीद है।
यतींद्र सिद्धारमैया ने मीडिया से खुल कर की गई बातचीत में बताया कि कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल करने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा, 'जब मैं पिछली बार दिल्ली गया था और हाईकमान से मुलाकात की थी, तब राहुल गांधी ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि मेरे राजनीतिक हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। मुझे मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी, इसलिए मैं पूरी तरह आशान्वित हूं।' यतींद्र ने यह भी कहा कि उन्हें किसी विशेष मंत्रालय की मांग नहीं है, पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, वे उसे खुशी-खुशी स्वीकार करेंगे।
दूसरी तरफ, कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के तौर पर कमान संभालने जा रहे डीके शिवकुमार 3 जून को होने वाले अपने शपथ ग्रहण समारोह से पहले दिल्ली पहुंच चुके हैं। सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे शिवकुमार ने एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए राज्य की जनता को बधाई दी। उन्होंने कहा, 'कर्नाटक के लोगों को मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं। राज्य की जनता लंबे समय से इस बदलाव की राह देख रही थी।'
नई दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के साथ डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया की अहम बैठक होने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया ने राज्य में पार्टी और सरकार के बीच बेहतर कामकाज के लिए एक समन्वय समिति बनाने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही, यह भी चर्चा है कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष (KPCC) के पद पर किसी ओबीसी (OBC) चेहरे को बैठाया जा सकता है।
राज्यसभा सांसद नसीर हुसैन ने पूरी प्रक्रिया के बारे में कहा कि सत्ता का हस्तांतरण बेहद सहजता से हुआ है। 3 जून को शाम 4 बजे राजभवन में शिवकुमार के साथ पूरी मंत्रिपरिषद शपथ लेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंत्रिमंडल में जाति, समुदाय और क्षेत्रीय संतुलन का पूरा ध्यान रखा जाएगा। कितने मंत्री बनेंगे और डिप्टी सीएम होंगे या नहीं, यह अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान के हाथ में है।
यतींद्र के इस बयान के बाद कर्नाटक कांग्रेस के अंदर उत्साह का माहौल है। सिद्धारमैया के समर्थक इसे अपने नेता के सम्मान के तौर पर देख रहे हैं, जबकि डीके शिवकुमार का खेमा भी मंत्रिमंडल में संतुलन बनाए रखने की वकालत कर रहा है ताकि सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।
अब सबकी निगाहें दिल्ली में मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और डीके शिवकुमार के बीच होने वाली बैठक पर टिकी हुई हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि यतींद्र सिद्धारमैया को कौन सा अहम विभाग सौंपा जाता है और डिप्टी सीएम पद को लेकर आलाकमान क्या अंतिम फॉर्मूला निकालता है।
इस पूरी कैबिनेट गठन की रस्साकशी में सबसे बड़ा पहलू 2024 के लोकसभा चुनाव का है। कांग्रेस नेतृत्व को मंत्रिमंडल बनाते समय लिंगायत, वोक्कालिगा, दलित और ओबीसी समुदायों के बीच एक परफेक्ट सोशल इंजीनियरिंग करनी होगी, ताकि लोकसभा में इसका सीधा फायदा मिल सके। ( इनपुट: ANI)
Updated on:
01 Jun 2026 07:39 pm
Published on:
01 Jun 2026 07:38 pm
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