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अजमेर. जाते सावन में मानसून फिर सुस्त हो गया है। गुरुवार सुबह हल्की फुहारों का दौर चला। दिनभर बादल छाने और हवा चलने से मौसम खुशनुमा रहा। अधिकतम तापमान 27.6 तथा न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री रहा। बादलों के चलते बुधवार के मुकाबले पारे में 3.5 डिग्री की गिरावट हुई।
सुबह बादलों के झुंड आसमान में सिर्फ मंडराते नजर आए। करीब 5.15 बजे वैशाली नगर, माकड़वाली रोड और आसपास के इलाकों में मामूली फुहारें गिरी। इसके बाद सुबह 11 बजे तक जयपुर रोड, कायड़, भूणाभाय, नाका मदार, मेयो लिंक रोड और अन्य इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई। दिनभर बादलों के मंडराने और हवा चलने से मौसम सामान्य रहा। अजमेर सहित जिले के अधिकांश हिस्से बरसात को तरसते रहे।
मानसून हुआ सुस्त
सावन में मानसून फिर सुस्त हो गया है। बीते दो-तीन दिन में तेज बौछारों को छोड़कर कहीं झमाझम बरसात नहीं हुई है। केवल बादलों की उमड़-घुमड़ और धूप-छांव का दौर चल रहा है। कम बरसात से काश्तकारों की चिंता भी बढ़ गई है। इससे खेतों में फसल-बीज खराब होने की आशंका है। सिंचाई विभाग के अनुसार जिले में 1 जून से 23 अगस्त तक 251.12 मिलीमीटर बरसात हुई है। जबकि पिछले साल इस अवधि में 340 मिलीमीटर से ज्यादा बरसात हो चुकी थी।
जलाशयों में नहीं पर्याप्त पानी
बरसात नहीं होने से जिले के अधिकांश जलाशय में पर्याप्त पानी नहीं आया है। इनमें राजियवास, बीर, मूंडोती, पारा प्रथम और द्वितीय, बिसूंदनी, मकरेड़ा, रामसर, अजगरा, ताज सरोवर अरनिया, नारायण सागर खारी, मान सागर जोताया, देह सागर बडली, भीम सागर तिहारी, खानपुरा तालाब शामिल है। इसी तरह चौरसियावास, लाकोलाव टैंक हनौतिया, पुराना तालाब बलाड़, जवाजा तालाब, देलवाड़ा तालाब, छोटा तालाब चाट, मान सागर जोताया और अन्य शामिल हैं।