अजमेर

देखिए गजब की होशियारी..कॉलेज ने बनाना चाहा सबको मूर्ख, पकड़े गए तो सामने आई हकीकत

कई की शैक्षिक योग्यता अलग-अलग बताई गई। कुछ छात्राओं और परिजन ने बताया कि वेबसाइट में कई चौंकाने वाली जानकारी मिली।
2 min read
• •
Updated: 5 Jul 2018, 10:12 AM IST
wrong information
wrong information

रक्तिम तिवारी/जय माखीजा

अजमेर. आमतौर पर कॉलेज और विश्वविद्यालयों में योग्य शिक्षकों की भर्ती होती है। इसके लिए यूजीसी ने शैक्षिक योग्यता नियम बनाए हुए हैं, लेकिन संस्थाएं ही इसको तवज्जो नहीं दे रही। खासतौर पर वेबसाइट पर गलत जानकारियां मिले तो युवाओं के भविष्य का अंदाजा लगाया जा सकता है। ऐसा ही वाकिया सोफिया कॉलेज में हुआ। वेबसाइट पर शिक्षकों की गलत शैक्षिक योग्यताएं अपलोड कर दी गई। जब गलती का एहसास हुआ तो तत्काल जानकारियां ठीक कर दी गई। कॉलेज प्रशासन से इसके लिए निजी फर्म को दोषी ठहराया है।

प्रदेश के सरकारी और निजी संस्थाओं की तरह सोफिया कॉलेज की भी वेबसाइट बनी हुई है। इसमें कॉलेज के इतिहास, विभिन्न कोर्स में दाखिले, एनएसएस और अन्य कार्यक्रम, शैक्षिक एवं सह शैक्षिक गतिविधियों के अतिरिक्त शिक्षकों और स्टाफ से जुड़ी सूचनाएं दी गई हैं।

कॉलेज की वेबसाइट में संपूर्ण स्टाफ की जानकारियां, उनकी ज्वाइनिंग व योग्यता की जानकारी अपलोड कर दी गई। कई अभिभावकों और विद्यार्थियों ने इन्हें देखा तो इसमें ढेरों गलतियां दिखी। कई शिक्षकों की पीएचडी करना बताया गया, जबकि कई की शैक्षिक योग्यता अलग-अलग बताई गई।

कुछ छात्राओं और परिजन ने बताया कि वेबसाइट में कई चौंकाने वाली जानकारी मिली। कई व्याख्याताओं की योग्यता को शोधार्थी बताकर शोध के लिए आवेदन करना बताया गया। कुछेक व्याख्याता तो केवल स्नातकोत्तर डिग्रीधारक ही निकले।

स्वायत्तशासी है कॉलेज

सोफिया कॉलेज पूर्व में मदस विश्वविद्यालय से सम्बद्ध था। दो साल पूर्व स्वायत्तशासी संस्था बन चुका है। यूजीसी के नियमानुसार सरकारी, निजी और स्वायत्तशासी संस्थानों में नेट उत्तीर्ण/पीएचडी धारक अभ्यर्थी शिक्षक बनने के पात्र होते हैं। नेट परीक्षा पास करने के बाद नियमानुसार कई अभ्यर्थी शोध करते हैं। ऐसे में उनकी शैक्षिक योग्यता के आगे (पीएचडी करना) लिखा जाता है।

गलती हुई तो तुरन्त अपडेट

कई छात्राओं, परिजन ने कॉलेज को जानकारी दी। गलती का एहसास होते ही कॉलेज प्रशासन ने शिक्षकों की वास्तविक योग्यता को वेबसाइट पर लिखवाया। जिन शिक्षकों को पीएचडी करना बताया गया उनके नाम के आगे सिर्फ वास्तविक योग्यता लिखी गई।

कॉलेज की वेबसाइट निजी फर्म ने तैयार की है। फर्म ने गलती से सूचनाएं कॉपी-पेस्ट की हैं। कुछ फोटो भी गलत लगाने की बात सामने आई। यह पूरे देश और अजमेर की प्रतिष्ठित संस्था है। कभी किसी छात्रा या अभिभावक को गुमराह करने का प्रयास नहीं किया गया है। जैसे ही गलती होने की जानकारी मिली हमने वेबसाइट को तत्काल अपडेट कराया। फर्म को हमने तत्काल पाबंद कर दिया है। आज पीटीएम में भी हमने अभिभावकों और छात्राओं को सब जानकारी दी है। भविष्य में ऐसी गलती नहीं हो इसके लिए उचित प्रबंध किए जाएंगे। सिस्टर पर्ल, प्राचार्य, सोफिया कॉलेज अजमेर

Published on: