
अजमेर.
सीबीएसई, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और कॉलेज-विश्वविद्यालयों समेत देश की प्रमुख प्रवेश-सालाना परीक्षाओं में ऐहतियात बरतनी जरूरी होगी। परीक्षाओं केंद्रों को सेनेटाइज्ड कराने के अलावा मेडिकल किट और थर्मल स्कैनर रखने पड़ेंगे। ताकि विद्यार्थियों-शिक्षकों और स्टाफ को जरूरत पडऩे पर तत्काल मेडिकल सहायता मिल सके।
कोरोना वायरस संक्रमण के चलते पूरे देश में लॉकडाउन है। सीबीएसई और राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की परीक्षा स्थगित की गई हैं। इसी तरह केंद्रीय और राज्य स्तरीय विश्वविद्यालयों की सालाना परीक्षाएं अटकी हुई हैं। नीट, जेईई मेन, जेईई एडवांस, क्लैट और अन्य प्रवेश परीक्षाएं भी मई अथवा जून में कराई जानी हैं। यूपीएससी, राजस्थान लोक सेवा आयोग और अन्य संस्थानों की भी भर्ती परीक्षाएं प्रस्तावित हैं।
मेडिकल किट और थर्मल स्कैनर
प्रवेश/भर्ती/सेमेस्टर और सालाना परीक्षाओं में स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी के लाखों विद्यार्थी-अभ्यर्थी शामिल होंगे। संस्थाओं को परीक्षा केंद्रों पर मेडिकल किट और थर्मल स्कैनर का इंतजाम रखने होंगे। विद्यार्थियों-शिक्षकों-स्टाफ की बॉडी का तापमान जांचने, किसी की तबीयत बिगडऩे पर यह काम आएंगे।
यह भी करना पड़ेगा संस्थानों को
-सोशल डिस्टेंसिंग की करानी होगी पालना
-शहरों-उपखंडों में परीक्षा केंद्रों की बढ़ानी पड़ेगी संख्या
-परीक्षा केंद्रो में फर्नीचर-क्लासरूम को कराना होगा सेनेटाइज्ड
-मास्क की रखनी पड़ेगी व्यवस्था
लॉकडाउन के बाद बोर्ड परीक्षाएं कराई जाएंगी। राज्य सरकार के निर्देशानुसार थर्मल स्कैनर, मेडिकल किट और अन्य व्यवस्थाएं करेंगे।
प्रो. डी. पी. जारोली, अध्यक्ष राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड
वार्षिक परीक्षाएं जून में होंगी। परीक्षा केंद्र बढ़ाने के अलावा सेनेटाइजेशन कराएंगे। आवश्यकतानुसार मेडिकल किट-थर्मल स्कैनर भी उपलब्ध कराएंगे।
प्रो. आर. पी. सिंह, कुलपति मदस विश्वविद्यालय
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