
jee advanced 2020
अजमेर.
देश के 23 आईआईटी में प्रवेश के लिए जेईई एडवांस परीक्षा कराई जाए या नहीं इसको लेकर चर्चा शुरू की गई है। कई शहरों में कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन की स्थिति है। ऐसे में जेईई मेन परीक्षा को आधार बनाया जा सकता है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय, आईआईटी और अन्य संस्थाएं विचार-विमर्श में जुटी हैं।
नेशनल टेस्टिंस एजेंसी के तत्वावधान में होने वाली जेईई मेन परीक्षा में उत्तीर्ण करीब 2.40 लाख विद्यार्थी आईआईटी में प्रवेश के लिए जेईई एडवांस परीक्षा देंगे। इस बार आईआईटी दिल्ली को 17 मई को यह परीक्षा करानी थी। लेकिन कोरोना संक्रमण और देशव्यापी लॉकडाउन के कारण परीक्षा स्थगित की गई है।
परीक्षा कराना चुनौतिपूर्ण
कोरोना वायरस संक्रमण के चलते अहमदाबाद, जयपुर, इंदौर, कोटा, हैदराबाद, चेन्नई, दिल्ली, भोपाल, लखनऊ, बेंगलूरू, कोलकाता, मुंबई जैसे कई शहर हॉट स्पॉट बने हुए हैं। लॉकडाउन में इन शहरों में कोरोना संक्रमित लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे हालात में जेईई एडवांस कराना चुनौतिपूर्ण है।
जेईई मेन भी विकल्प...
आईआईटी रुडक़ी के प्रो. एस.पी. हर्षा ने बताया कि जेईई मेन की जनवरी में आयोजित प्रथम चरण में 12 लाख विद्यार्थी बैठे थे। द्वितीय चरण में भी 12 लाख विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। जेईई मेन के दोनों चरणों की परीक्षा में पास होने वाले 2.44 लाख विद्यार्थी जेईई एडवांस में बैठेंगे। देश के 23 आईआईटी में करीब 15 हजार सीट हैं। ऐसे में जेईई मेन के उत्तीर्ण विद्यार्थी जेईई एडवांस परीक्षा का विकल्प बन सकते हैं। इसको लेकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय, देश के आईआईटी और विशेषज्ञ चर्चा में जुटे हैं।
इन बिंदुओं पर विचार..
.-कोरोना लॉडकाउन के कारण कई विद्यार्थी तनाव में
-जेईई मेन और जेईई एडवांस की करनी पड़ रही तैयारी
-पढ़ाई के लिए सिर्फ ई-क्लास और वीडियो लेक्चर
Updated on:
20 Apr 2020 07:51 am
Published on:
20 Apr 2020 07:51 am
