
अजमेर. गुजरात के भरूच से ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह (AJMER DARGAH) जियारत के लिए आए कुछ जायरीन लॉक डाउन के कारण यहीं फंसे हैं। इनमें दो भाई और एक बहन अपनी मां के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो सके। भरूच से आई महिला जायरीन बदरून्निसा ने बुधवार को यह दर्द बयां किया। उसने बताया कि उसके परिवार के करीब 11 जने शुक्रवार को यहां पहुंचे।
उसी दौरान दरगाह में आम जायरीन का प्रवेश बंद कर दिया गया लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि रेल सेवाएं भी बंद हो जाएंगी। इस कारण वे यहीं रुक गए। इस बीच 23 मार्च की शाम को उनकी मां जौहरान्निसा का इंतकाल हो गया। दूसरे दिन 24 मार्च को वे भरूच जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे लेकिन ट्रेन बंद होने के कारण पुलिस ने उन्हें वहां से रवाना कर दिया। तब से वे चौधर मौहल्ला स्थित एक गेस्ट हाउस में ही रुके हुए हैं। उन्हें भरूच जाने के लिए क्या प्रक्रिया अपनानी है, इसकी जानकारी नहीं। इसलिए रेल सेवा शुरू होने तक यहीं रुकने को मजबूर हैं। बदरून्निसा का कहना है कि उन्हें यहां भोजन बराबर मिल रहा है लेकिन मां का इंतकाल हो गया, इसलिए उनका जाना जरूरी है।